मां-बहन की हत्या के बाद खुदकुशी करना चाहता था जुवेनाइल, बाद में सामान लेकर चला गया

- in दिल्ली, राज्य

नई दिल्ली. ग्रेटर नोएडा की गौर सिटी-2 सोसाइटी में मां और बहन की हत्या के आरोपी जुवेनाइल ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। एसएसपी लव कुमार ने बताया कि जब परिवार के साथ जुवेनाइल से बात की गई तब उसने बताया कि मां और बहन को मारने के बाद कुछ देर के लिए वह भी परेशान हुआ। एक बार उसके मन में आया था कि वह भी 14वीं फ्लोर की खिड़की से छलांग लगाकर खुदकुशी कर ले। मगर खुद को रोका और फिर बैग में सामान लेकर चला गया।मां-बहन की हत्या के बाद खुदकुशी करना चाहता था जुवेनाइल, बाद में सामान लेकर चला गया

गेम खेलता था लेकिन उसे देखकर नहीं मारा

– जुवेनाइल से बातचीत के हवाले से लव कुमार ने बताया कि मोबाइल फोन पर वह गेम खेलता था। सोशल साइट पर भी बिजी रहता था। इससे पढ़ाई कम करता था। इसे देख सामान्य तौर पर ही दो महीने पहले ही उसके पापा ने जुवेनाइल का मोबाइल फोन छीन लिया था।

– “मोबाइल फोन पर हाईस्कूल गैंगस्टर जैसे गेम खेलते हुए उसने इस घटना को अंजाम दे दिया, इस बारे में पूछे जाने पर जुवेनाइल ने साफ इनकार कर दिया।”

– एसएसपी ने बताया कि फिर भी पुलिस अभी सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

पहले से था परेशान 

– लव कुमार ने बताया कि स्टूडेंट ने इस घटना को महज एक दिन में गुस्से में आकर अंजाम नहीं दिया। वह पिछले कई महीनों से खुद को नजरअंदाज किए जाने और बहन को ज्यादा प्यार किए जाने को महसूस कर रहा था।

– इन बातों को उसने मन में बैठा लिया था। जब घर में दादा-दादी और पापा नहीं थे, तब मौका पाकर घटना को अंजाम दे दिया।

मामले में आगे क्या?

आईक्यू टेस्ट में बेहतर मिला व्यवहार तो जल्द मिल सकती है छुट्‌टी

– 4 दिसंबर की रात में जब कारोबारी के बेटे ने मां छोटी बहन की हत्या की थी, उस समय उसकी उम्र 15 साल 6 महीने और 6 दिन ही थी। दरअसल, स्टूडेंट का जन्म 28 जून 2002 का है। ऐसे में जुवेनाइल जस्टिस एक्ट-2015 के तहत 3 साल के लिए ही जुवेनाइल होम में रखा जा सकेगा।

– जुवेनाइल जस्टिस एक्ट जैसे मामलों के एक्सपर्ट वर्ल्ड फॉर इक्वेलिटी के एडवोकेट वरुण पाठक ने बताया कि जुवेनाइल में उसकी काउंसलिंग की जाएगी। अगर बर्ताव में सुधार आता है और ऐसा लगता है कि वह समाज के साथ मिलकर आगे बढ़ सकता है तो 6 महीने या 3 साल से पहले कभी भी जेजे बोर्ड के फैसले पर छोड़ा जा सकता है।

– पाठक ने बताया कि अगर मामला जघन्य अपराध का नहीं होता तो 16 साल से कम उम्र होने की वजह से एफआईआर नहीं होती। चूंकि यह डबल मर्डर का केस है, इसमें एफआईआर के साथ जुवेनाइल बोर्ड के सामने केस चलेगा। जुवेनाइल बोर्ड में प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट के साथ दो सोशल वर्कर भी होते हैं, जो जुवेनाइल का व्यवहार देखकर निर्णय लेते हैं।

जुवेनाइल होम से भी हाईस्कूल का एग्जाम देगा

– हाईस्कूल एग्जाम को स्टूडेंट स्कूल जाकर या जुवेनाइल होम में रहकर भी दे सकेगा। इसके लिए जेजे एक्ट में प्रोविजन है।

– इस बारे में एडवोकेट वरुण पाठक ने बताया कि नए कानून में यह बताया गया है कि कोई भी जुवेनाइल पढ़ाई के साथ एग्जाम भी दे सकता है। इसके लिए पूरी सुविधा दी जाएगी।

– एग्जाम देने के लिए जेजे बोर्ड की तरफ से एक लेटर स्कूल में भेजा जाएगा। इसके बाद वह स्कूल जाकर भी परीक्षा दे सकता है।

3 काउंसलरों की टीम करेगी काउंसलिंग

– नोएडा फेज-2 के जुवेनाइल होम में इस समय 129 जुवेनाइल हैं। डबल मर्डर का आरोपी स्टूडेंट यहां पर 130वां सदस्य होगा। यहां के इंचार्ज नेमचंद ने बताया कि जुवेनाइल होम के लिए 3 काउंसलर हैं जो जुवेनाइल की काउंसलिंग करेंगे। 
– इस दौरान शुरू में क्राइम घटना के बारे में नहीं बल्कि समाज में कैसे रहना है और खुद को कैसे बेहतर माहौल में ढालते हैं, उसे लेकर बातचीत होगी। जुवेनाइल को पहले कुछ दिनों तक अकेले रखा जाएगा।

कब और कहां हुई थी हत्या?

– टाइल्स कारोबारी सौम्य अग्रवाल फैमिली के साथ गौर सिटी- 2, 11 एवेन्यू के फ्लैट नंबर-1446 में रहते हैं। 5 दिसंबर (मंगलवार रात) को पत्नी अंजलि (42) और मणिकनिका (11) की बॉडी खून से लथपथ हालत में बेडरूम में मिली थीं। बेटी 6th क्लास की स्टूडेंट और कराटे चैंपियन थी।

– आरोपी के पिता सौम्य सोमवार तड़के बिजनेस के सिलसिले में सूरज चले गए। वहीं, दादा सुरेश और दादी मधुर अग्रवाल हरिद्वार चले गए। घर में आरोपी के अलावा मां और बहन ही मौजूद थीं। हत्या के बाद नाबालिग गायब हो गया था।

– पुलिस के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज में सोमवार रात 8 बजे आरोपी नाबालिग मां और बहन के साथ फ्लैट में जाता दिखा था। इसके बाद आखिरी बार रात 11.30 बजे उसे अकेले फ्लैट से बाहर आता देखा गया।

कैसे पकड़ा गया आरोपी?

– पुलिस के मुताबिक, शनिवार को नाबालिग के दादा-दादी हरिद्वार गए थे। पिता बिजनेस के सिलसिले में सूरत में थे। सोमवार रात को जब मां और बहन सो गईं तो आरोपी ने उन पर हमला कर मौत के घाट उतार दिया।

– इसके बाद वह सोसाइटी से निकला और कैब लेकर नई दिल्ली स्टेशन पहुंचा। वहां से लुधियाना गया, फिर मुगलसराय स्टेशन पर किसी से फोन लेकर गुरुवार को पापा को कॉल किया। उसी लोकेशन के आधार पर शुक्रवार को आरोपी को बनारस से पकड़ा गया।