माइकल क्लार्क ने कहा- धोनी का अनुभव भारत के लिए है बहुत जरुरी

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ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने महेंद्र सिंह धोनी के आलोचकों से कहा है कि वह धोनी को हल्के में लेने की गलती न करें. क्लार्क का यह बयान भारत को अपने घर में ऑस्ट्रेलिया के हाथों 2-3 से मिली हार के बाद आया है. इस सीरीज में आखिर के दो मैचों में धोनी नहीं खेले थे. उनके स्थान पर युवा बल्लेबाज विकेटकीपर ऋषभ पंत को टीम में मौका दिया गया था. लेकिन, वह संघर्ष करते दिखे.

क्लार्क ने सोशल मीडिया पर धोनी की अहमियत को बताते हुए कहा, ‘कभी भी धोनी की महत्ता को हल्के में नहीं लें, उनका अनुभव मध्यक्रम में काफी अहम है.’ अपनी विकेटकीपिंग शैली के अलावा धोनी विकेट के पीछे से गेंदबाजों को निर्देश भी देते रहते हैं. चाइनामैन कुलदीप यादव एक ऐसे गेंदबाज हैं, जिन्हें आखिरी दो मैचों में धोनी की कमी खली.

बता दें कि दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पर खेले गए पांचवें और निर्णायक वनडे मैच में ऑस्ट्रेलिया ने टीम इंडिया को 35 रनों से मात देकर पांच मैचों की वनडे सीरीज 3-2 से अपने नाम कर ली है. कंगारू टीम ने भारत को रांची में खेले गए तीसरे वनडे मैच में 32 रनों से शिकस्त दी थी. उसके बाद मेहमान टीम ने मोहाली में खेले गए चौथे वनडे मैच में भारत को 4 विकेट से हराया और अब दिल्ली में हुए सीरीज के निर्णायक वनडे मैच में भारत को 35 रनों से मात देकर वनडे सीरीज 3-2 से अपने नाम कर ली.

ऑस्ट्रेलिया ने 10 साल बाद भारत को उसी की धरती पर किसी बाइलैटरल (द्विपक्षीय) वनडे इंटरनेशनल सीरीज में शिकस्त दी है. कंगारू टीम ने आखिरी बार भारत को उसकी धरती पर 2009 में 7 मैचों की वनडे सीरीज में 4-2 से मात दी थी. उस सीरीज में शेन वॉटसन ‘मैन ऑफ द सीरीज’ रहे थे. ओवरऑल बाइलैटरल वनडे इंटरनेशनल सीरीज की बात करें, तो टीम इंडिया आखिरी बार अपनी धरती पर 4 साल पहले हारी थी. 2015 में साउथ अफ्रीका ने भारत को 5 मैचों की वनडे सीरीज में 3-2 से शिकस्त दी थी.