माई महोत्सव

इलाहाबाद में कार्यक्रम का आयोजन भोजपुरी विकास एवं शोध संस्थान, आशि इंटरटेनमेंट प्रा. लि. तथा राष्ट्रीय मासिक पत्रिका भोजपुरी संगम के संयुक्त तत्वावधान में भोजपुरी समाज एवं संस्कृति की गौरवमयी विरासत को ऊंचाईयों पर ले जाने, भोजपुरी भाषा को राष्ट्र भाषा का सम्मान दिलाने, भोजपुरी संस्कृति से ओतप्रोत प्रतिभाओें को समाज के सम्मुख लाने तथा भोजपुरी संस्कृति को ऊंचाईयों पर ले जाने के उत्कृष्ट प्रयासों को सम्मानित किये जाने के उद्देश्य से द्वितीय मांई भोजपुरी महोत्सव को शनिवार 26 मई, 2018 को उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, इलाहाबाद (एनसीजेडसीसी) के प्रेक्षागृह में आयोजित किया गया।
मांई महोत्सव का शुभारम्भ उत्तर प्रदेश की महिला एवं परिवार कल्याण मंत्री श्रीमती स्वाती सिंह के कर कमलों द्वारा सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भोजपुरी के अस्तित्व को बचाने के लिए प्रत्येक भोजपुरीवासी को घर में बिना शर्म और झिझक के एक दूसरे से भोजपुरी में बात करना होगा। उन्होंने कहा कि भोजपुरी के लिए आन्दोलन करने की जरूरत नहीं है बल्कि भोजपुरी को समाज के बीच में लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समाज में भोजपुरी की जड़ों को मजबूत करने की आवश्यकता है तभी हमारी संस्कृति और पहचान सुरक्षित रहेगी। उन्होंने अपील की कि भोजपुरी समाज में बोली और महिला की रक्षा करें।
मुख्य अतिथि मॉरिशस के राजदूत जगदीश गोवर्धन ने कहा कि मांई जैसे कार्यक्रम में पहली बार अपनी मातृभूमि में शामिल हुआ हूं। भोजपुरी हमारी मां है और इसके विकास के लिए हम सतत् प्रयास करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन में सबसे पवित्र शब्द मां है और इसका सम्मान प्रत्येक व्यक्ति को करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें प्राकृतिक रूप से भोजपुरी को बोलना चाहिए क्योंकि हमारी पहचान और संस्कृति भोजपुरी ही है। उन्होंने नई पीढ़ी से अपील की कि वे बिना किसी झिझक के भोजपुरी में बात करें। उन्होंने कहा कि सबसे प्राचीन बोली भोजपुरी है। कहा कि भोजपुरी को स्कूलों में पढ़ाया जाना चाहिए।


कार्यक्रम के अध्यक्ष राज्यसभा सांसद कुंवर रेवती रमण सिंह ने कहा कि वे भोजपुरी को 8वीं अनुसूची में शामिल करने हेतु इसी वर्ष लोकसभा में प्रस्ताव लेकर आयेंगे। उन्होंने कहा कि भोजपुरी के गायकों ने भोजपुरी को पूरे विश्व में फैलाया है। कहा कि इस बोली का प्रयोग हर भोजपुरीवासी करे अन्यथा यह कमजोर पड़ जायेगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक दशा में भोजपुरी को संवैधानिक दर्जा मिलना चाहिए।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद ने भी अपना विचार व्यक्त किया। मांई महोत्सव में मॉरीशस, दुबई, सुरीनाम, त्रिनिडाड, लंदन सहित अन्य देशों के ख्याति प्राप्त संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। मांई महोत्सव के प्रथम सत्र में अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठी ‘भोजपुरी के रचनात्मक आंदोलन में पत्र-पत्रिकाओं की भूमिका’ पर चर्चा हुई। इस गोष्ठी में विश्व भोजपुरी सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत दुबे, बिहार भोजपुरी अकादमी के अध्यक्ष चन्द्रभूषण राय, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय बिहार के हिन्दी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. गुरूचरण सिंह, डॉ. अशोक कुमार सिंह, बिहारी कनेक्ट लंदन के चेयरमैन उद्धेश्वर सिंह, गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रो. लल्लन सिंह यादव सहित नई दिल्ली से मुकेश कुमार सिंह, रविशंकर तिवारी, दुबई से कृष्ण प्रताप सिंह, आगरा से अशोक कुमार चौबे, इलाहाबाद से श्लेष गौतम इत्यादि वक्तागणों ने भी अपना विचार रखा। संगोष्ठी में भोजपुरी को 8वीं अनुसूची में शामिल करने हेतु विशेष चर्चा की गयी और निर्णय लिया गया कि पूरे देश में हस्ताक्षर अभियान चलाकर लोगों के बीच जागरूकता फैलायी जायेगी।
मांई महोत्सव के द्वितीय सत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं सम्मान समारोह होगा। भोजपुरी के गौरव भरत शर्मा ‘व्यास’ ने ‘‘दिल्ली बम्बे कलकता चाहे रहिह मसूरी में पढ़िह लिखिह कवनो भाषा बतिअइह भोजपुरी में’’, ‘‘गीत भोजपुरी से अश्लील हटावल जाइत त कतना निमन होइत त कतना निमन होइत’’, जनिती जे जारल जाइबू आग में दहेज के पाप नहीं करिती बेटी ससुरा में भेज के’’ प्रस्तुत कर सभी को भावविभोर कर दिया। भोजपुरी के प्रसिद्ध गायक दीपक त्रिपाठी ने ‘‘सुन्दर शुभम भूमि भइया भारत के देशवा से प्राण बसे हिन्द देश में’’, चढ़ली जवनिया बरन भइले हमरा से के मोरा हरिये कलेशवा, माई दुधवा जैसन मिठाई ना मिली सब कुछ मिल जाई पर दुनिया में माई ना मिली, जा ए चन्दा ले आवा खबरिया सुनाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अमित यादव, नीरज पाण्डेय सहित अन्य स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति की जायेगी। नीतू कुमारी ‘नूतन’ ने भी अपने गीतों से सभी को भावविभोर कर दिया। इसके पूर्व सोनाली चोपड़ा ग्रुप ने गणेश वन्दना, शिवताण्डव की मनोहारी प्रस्तुति से दर्शकों को हतप्रभ कर दिया। कार्यक्रम का संचालन भोजपुरी के प्रसिद्ध कलाकार मनोज सिंह ‘भावुक’ तथा विजय बहादुर सिंह ने किया। कार्यक्रम के संयोजक अजीत विक्रम सिंह, संजय सिंह एवं अजीत सिंह द्वारा अतिथियों का पुष्पगुच्छ तथा अंगवस्त्र देकर स्वागत किया गया।
भोजपुरी समाज एवं संस्कृति की गौरवमयी विरासत को ऊंचाईयों पर ले जाने वालों को सम्मानित भी किया गया। उत्तर प्रदेश की मंत्री स्वाती सिंह, राज्य सभा सांसद कुंवर रेवती रमण सिंह, मारीशस के राजदूत जगदीश गोवर्धन, अजीत दुबे, प्रो. गुरूचरण सिंह, कुलपति प्रो. राजेन्द्र प्रसाद, बिहार अकादमी के अध्यक्ष चन्द्रभूषण राय, पंकज कुमार राय, रविशंकर सिंह, मनोज सिंह भावुक, विजय बहादुर सिंह, अशोक चौबे, दीपक त्रिपाठी, उद्धेश्वर सिंह, आरएएफ कमाण्डेंट दिनेश सिंह चंदेल, अशोक कुमार सिंह, मुकेश कुमार सिंह आदि को सम्मानित किया गया।