HRD मंत्रालय, नई दिल्ली : एकेडमिक कमेटी की सदस्य चुनी गई सीएमएस प्रधानाचार्या

-डा. विनीता कामरान

लखनऊ : सिटी मोन्टेसरी स्कूल, कानपुर रोड कैम्पस की प्रधानाचार्या डा. विनीता कामरान को भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा संचालित नेशनल इन्स्टीट्यूट ऑफ ओपेन स्कूलिंग (एन.आई.ओ.एस.) की एकेडमिक कमेटी का सदस्य चुना गया है। शिक्षा के क्षेत्र में लम्बा अनुभव, उद्देश्यपूर्ण एवं गुणात्मक शिक्षा का प्रचार-प्रसार एवं छात्रों को टोटल क्वालिटी परसन बनाने के अतुलनीय प्रयासों को देखते हुए डा. कामरान को इस महत्वपूर्ण पद पर चयनित किया गया है। सी.एम.एस. के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी हरि ओम शर्मा ने बताया कि सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने डा. कामरान की इस अभूतपूर्व उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा है कि डा. कामरान का एन.आई.ओ.एस. की एकेडमिक कमेटी का सदस्य चुना जाना न सिर्फ सी.एम.एस. के लिए अपितु लखनऊ के लिए गौरव की बात है। इससे डा. कामरान के अनुभवों एवं सृजनात्मक विचारों का लाभ देश राष्ट्रीय मुक्त शिक्षण संस्थानों को मिलेगा। डा. कामरान की नेतृत्व क्षमता एवं सभी को साथ लेकर चलने वाला सहयोगात्मक गुण वास्तव में बधाई का पात्र है।

विदित हो कि नेशनल इन्स्टीट्यूट ऑफ ओपेन स्कूलिंग की एकेडमिक कमेटी का दायित्व देश भर के सभी राष्ट्रीय मुक्त शिक्षण संस्थानों के शैक्षिक कार्यक्रमों का दिशा निर्देशन करना है, साथ ही यह शैक्षणिक उत्कृष्टता, शिक्षा के मूल्यांकन एवं मानकों के निर्धारण के लिए उचित दिशा-निर्देश जारी करती है। इसके अलावा, यह एकेडमिक कमेटी अपनी स्वयं की पहल पर अथवा एक्जीक्यूटिव बोर्ड की सलाह पर शैक्षिक हित के मामलों पर विचार करेगा और उस पर उचित कार्रवाही करने की अधिकारी होती है। श्री शर्मा ने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में क्वालिटी विचारधारा को स्थापित करने एवं उसे प्रचारित व प्रसारित करने का श्रेय सी.एम.एस. कानुपर रोड की प्रधानाचार्या डा. विनीता कामरान को जाता है एवं उन्हीं के अथक प्रयासों की बदौलत आज विश्व के अधिकांश देशों में स्टूडेन्टस क्वालिटी कन्ट्रोल सर्किल की स्थापना संभव हुई है। डा. कामरान के नेतृत्व में इंग्लैण्ड, नेपाल, बांग्लादेश, अमेरिका, मॉरीशस, श्रीलंका, जर्मनी, कुबैत, तुर्की, इजराइल, हांगकांग, कतार, ईरान, मलेशिया, फिलीपीन्स, पाकिस्तान तथा श्रीलंका देशों के अनगिनत स्कूलों में स्टूडेन्ट्स क्वालिटी कन्ट्रोल सर्किल्स स्थापित हो चुके हैं तथा वे सभी अपने छात्रों को टी.क्यू.पी. (टोटल क्वालिटी पर्सन) बनाने का प्रयत्न कर रहे हैं।