मायावती के बयान पर भड़की कांग्रेस, कहा- हम अकेले 25 सीटें जीतने की क्षमता रखते हैं

लोकसभा चुनाव 2019 जैसे जैसे नज़दीक आ रहे है राजनीतिक पार्टीयों में हलचले तेज़ हो गयी है। वही इससे पहले देश के कुछ राज्य मध्य प्रदेश राजस्थान और छत्तीसगढ़ में आगे कुछ महीनों में ही विधानसभा का चुनाव है और इन राज्यों में देश की दो पार्टी कांग्रेस और बसपा में एक साथ मिलकर मौजूदा भाजपा सरकार को गिरने लर काम चल रहा है। ऐसा कयास बसपा के नेताओं के बातों से लग रहा है।
मायावती के बयान पर भड़की कांग्रेस, कहा- हम अकेले 25 सीटें जीतने की क्षमता रखते हैं

1. कांग्रेस और बसपा के गठबंधन को लेकर कश्मकश बरकरार

वही मायावती ने ऐसा बयान दे दिया कि इस गठबंधन पर सवाल उठने लगे है कि आगे यह कैसे कायम रहेगा? दरअसल उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा किली व महागठबंधन के विरुद्ध नहीं है लेकिन अगर हमे सन्तुष्ट सीट नही मिलती है तो हम अकेले चुनाव लड़ना पसंद करेंगे।

2. दोनों पार्टियों में बढ़ रही नाराजगी

जिससे कांग्रेस पार्टी में काफी नाराजगियाँ हो गयी है जो कि पार्टी के मीडिया प्रभारी के बयान से ही समझ आ रहा है। उन्होंने बसपा को नसीहत देते हुए कहा कि कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है और वह खुद के बल बूते ही उत्तरप्रदेश में 80 में से 25 सीटें जीत सकती है ।साथ ही साथ उन्होंने बसपा के जबाब देते हुए कहा कि ये तो हमारे कार्यकर्ताओं का मनोबल और मजबूत हो जाएगा अगर हम भी अकेले चुनाव लड़ेंगे और भरोसा भी बढ़ जायेगा।

3. मायावती के बयान के बाद छिड़ी बहस

अब देखना ये है कि आगामी विधानसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश में 2019 तक क्या माहौल बनता है क्योंकि अभी की स्थिति को देखए हुए ये अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि गठबन्धन होना मुश्किल ही है क्योंकि मायावती के बयान के बाद से दोनों पार्टियों में सियासी बहस छिड़ गई है और अब वो अलग अलग खुद को मजबूत दिखाने में अपना जोर आजमाइश करेंगी।

4. कांग्रेस नेता कमलनाथ ने दिया ये बयान

बता दें कि कांग्रेस नेता कमलनाथ ने मध्य प्रदेश में बसपा के साथ गठबंधन को लेकर अहम बयान दिया है कांग्रेस नेता कमलनाथ को मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया है और उसके बाद से ही वह राज्य से जुड़े अहम फैसले खुद ही ले रहे हैं हाल ही में उन्होंने यह बताया है कि वह बसपा सुप्रीमो मायावती के साथ गठबंधन को लेकर बातचीत कर रहे हैं और जल्द ही इसका नतीजा निकल सकता है माना जा रहा है कि कमलनाथ के इस बयान को सकरात्मक तरीके से देखा जा सकता है।