मायावती ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी से छीने सारे अधिकार…

लखनऊ। विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद बसपा सुप्रीमों मायावती ने कई बड़े फैसले लिए हैं। इसी कड़ी में मायावती ने पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी को भी सभी पदों से हटाया दिया है। नसीमुद्दीन सिद्दीकी के पास अब सिर्फ राष्ट्रीय सचिव पद ही रह गया है।

सुप्रीमों मायावती ने विधानसभा चुनावों में मुस्लिमों पर खेला था दांव

वहीं इससे पहले मायावती ने अपने भाई आनंद कुमार को पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बना दिया था। इस फैसले को लेकते हुए सुप्रीमों मायावती ने कहा था कि आनंद कुमार कभी सांसद, विधायक या मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे।

मायावती ने कहा था कि चुनावों के दौरान हमारे खिलाफ दुष्प्रचार किया गया। उन्होंने कहा कि हमारे ऊपर सबसे ज्यादा मुसलमानों को टिकट देने का आरोप लगाकर दुष्प्रचार किया गया। कहा गया था कि ऐसे तो उत्तर प्रदेश पाकिस्तान बन जाएगा और चुनाव में इसको लेकर प्रचार किया गया। महागठबंधन पर मायावती ने कहा कि बीजेपी विरोधी पार्टियां अगर मेरे साथ आना चाहती हैं, तो हमें कोई परहेज नहीं है। उन्होंने कहा कि अब जहर से जहर को काटना होगा।

विधानसभा चुनावों में सुप्रीमों मायावती ने करीब सौ से ज्यादा उम्मीदवारों को टिकट दिया था। उन्होंने अपना सारा दांव मुस्लिमों पर खेला था लेकिन रिजल्ट उनके उम्मीद के विपरीत निकला। अब इन्ही समीकरणों को देखते हुए पार्टी में भारी बदलाव किये जा रहें हैं। अब उन्होंने मुस्लिमों का चेहरा माने जाने वाले नसीमुद्दीन सिद्दीकी को ही सभी पदों से हटा दिया।