#मी टू पर बोले कांग्रेस अध्यक्ष, महिलाओं से सम्मान से पेश आये

#मी टू अभियान पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी सामने आए। उन्होंने शुक्रवार (12 अक्टूबर) को ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि सभी लोग महिलाओं के साथ सम्मान और गरिमा से पेश आने का सलीखा सीख लें। राहुल गांधी का ये बयान बॉलीवुड से लेकर साहियता, पत्रकारिता जैसे क्षेत्रों तक के कई बड़े नामों के सामने आने के बाद आया। कांग्रेस अध्यक्ष ने इसे एक बहुत बड़ा मुद्दा बताया है।
नई दिल्ली। ‘अब समय आ गया है कि सभी लोग महिलाओं के साथ सम्मान और गरिमा से पेश आने का सलीका सीखें। मुझे खुशी है कि ऐसा नहीं करने वालों के लिए अब जगह खत्म हो रही है। बदलाव लाने के लिए सच को तेज और स्पष्ट तौर पर कहने की जरूरत है।’ गुरुवार को राहुल गांधी ने मी-टू कैम्पेन को बहुत बड़ा मुद्दा करार दिया था। गुरुवार (11 अक्टूबर) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी से महिलाओं के खुलासे पर पूछा गया तो उन्होंने छोटा सा जवाब देते हुए कहा कि वे इस पर बाद में बोलेंगे। राहुल ने कहा था, “मी टू एक बहुत बड़ा मुद्दा है और मैं उस मुद्दे पर बाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलूंगा, मैं विस्तार से इस मुद्दे पर अपनी राय रखूंगा।” उनसे केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री और पूर्व संपादक एमजे अकबर पर लगे आरोपों के चलते यह सवाल पूछा गया था। बता दें कि #मी टू अभियान के तहत केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री और पूर्व संपादक एमजे अकबर के खिलाफ कई महिला पत्रकारों ने यौन उत्पीड़न के आरोप सार्वजनिक रूप से लगाए हैं। कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से उनके इस्तीफे की मांग की है। इस वक्त फिल्म और मीडिया क्षेत्र की नामी-गिरामी महिलाओं ने सालों पहले अपने साथ हुई यौन शोषण की घटनाओं को ताजा किया है। पश्चिमी देशों में ये ट्रेंड पहले से ही चल रहा है, लेकिन भारत में जब अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने एक्टर नाना पाटेकर पर 2008 में एक गाने की शूटिंग के दौरान यौन शोषण का आरोप लगाया उसके बाद भारत में ऐसे खुलासों की मानों बाढ़ आ गई। पत्रकार गजाला वहाब ने एमजे अकबर के खिलाफ अपने खौफनाक अनुभवों को अंग्रेजी वेबसाइट द वायर पर शेयर किया है। अपनी कहानी को बताते हुए गजाला ने कहा है कि एशियन एज अखबार में काम करने के दौरान जब एमजे अकबर की निगाहें उन पर पड़ीं तो वहां उनके नौकरी के अंतिम छह महीने नरक से भी बदतर रहे। गजाला वहाब इस वक्त फ़ोर्स न्यूज़ मैगजीन की एक्सेकुटिव एडीटर हैं। इसके साथ ही ड्रैगन ऑन योर डोस्‍टेप: मैनेजिंग चाइना थ्रू मिलिट्री पावर पुस्तक की सह-लेखिका हैं।