यूपी में हाईस्कूल पास युवाओं के लिये अच्छी खबर, विभाग नियुक्तियों को मिली हरी झंडी

लखनऊ: कई विभागों में पेपर लीक, रोक, प्रदर्शन, लाठी चार्ज के बाद युवाओं को अच्छी खबर सुनने को मिल सकती है। योगी सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के करीब 31 हजार रिक्त पदों पर भर्तियां करने जा रही है। भर्तियां लगभग 10 साल बाद होने जा रही हैं। इसमें जिलेवार डीएम की अध्यक्षता में समिति आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का चयन करेंगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी इनके नियुक्ति अधिकारी होंगे। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार के निदेशक ने सरकार के पास रिक्त पदों पर भर्ती का प्रस्ताव भेज दिया है। सरकार ने भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। शीघ्र ही विज्ञापन जारी होगा। इससे पहले वर्ष 2008-09 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्तियां हुईं थीं। तब से कई भर्तियों को लेकर मामला उलझा है। पहले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति का अधिकार बाल विकास परियोजना अधिकारियों के पास था लेकिन, बाद में सरकार ने इसमें संशोधन कर जिला कार्यक्रम अधिकारियों को यह अधिकार दे दिया। इसी मामले को लेकर सीडीपीओ संघ ने हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक में लड़ाई लड़ी। पिछले दिनों हाईकोर्ट में हुई सुनवाई में यह बात साफ हो गई कि नियुक्ति को लेकर कोई स्थगनादेश नहीं है। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए सरकार भी अब नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाने जा रही है। जल्द ही सरकार इसकी घोषणा करेगी। इसमें नियुक्ति मेरिट के आधार पर होगी। इस पद के लिए न्यूनतम शैक्षिक अर्हता हाईस्कूल है। सरकार इन भर्तियों में आरक्षण भी लागू करेगी।
किसके कितने पद हैं रिक्त
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-9513
मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-5033
आंगनबाड़ी सहायिका-16432
कुल-30978
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को वर्तमान में चार हजार, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को तीन हजार व सहायिकाओं को दो हजार रुपये मिलते हैं। प्रधानमंत्री ने इनका मानदेय 50 फीसद बढ़ाने की घोषणा की है। साथ ही प्रदेश सरकार भी इनका मानदेय बढ़ाने जा रही है। ऐसे में इनका मानदेय लगभग दोगुना होने की उम्मीद है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं की भर्ती में कोई विधिक पेच नहीं है। शीघ्र ही इन पदों पर भर्तियां की जाएंगी।