ये है अखिलेश की ‘फायर ब्रान्ड नेता’, रेप की धमकियां देने वालों से कह चुकी हैं ये बातें

नई दिल्ली की ये लड़की अखिलेश यादव की फायर ब्रान्ड नेता बन चुकी है। चंद दिनों में ही इस लड़की ने अपनी एक अलग पहचान बना ली है। डॉक्टर दंपति की इस बेटी का नाम है पंखुड़ी पाठक। पंखुड़ी नॉन पॉलिटिकल बैकग्राउंड से हैंं और समाजवादी पार्टी की यूथ कोर कमेटी का बड़ा चेहरा रह चुकी हैं। पंखुरी पाठक को समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद पर नियुक्त किया गया है | ये है अखिलेश की 'फायर ब्रान्ड नेता', रेप की धमकियां देने वालों से कह चुकी हैं ये बातें

दिल्ली में रहने वाली 26 साल की पंखुड़ी पाठ का कोई पॉलिटिकल बैकग्राउंड नहीं है।  उनके पिता जेसी पाठक और मां आरती पाठक डॉक्टर हैं और दिल्ली में ही प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं। पंखुड़ी का छोटा भाई चिराग पाठक अभी ग्रेजुएशन फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट है। स्टूडेन्ट लीडर रह चुकीं पंखुड़ी पाठक लंबे समय से समाजवादी पार्टी की छात्र सभा से जुड़ी रही हैं। साल  2010 में हंसराज कॉलेज के चुनाव में उन्होंने ज्वाइंट सेक्रेटरी पद का चुनाव जीता। उस समय इनकी उम्र करीब 18 साल थी।  उन्होंने 2 से 3 साल तक पार्टी की तरफ से प्रत्याशियों को छात्रसंघ का चुनाव भी लड़ाया। दिल्ली में ये चर्चित छात्र नेता हैं। 

पंखुड़ी पाठक समाजवादी पार्टी के साथ अखिलेश यादव और उनकी वाइफ डिंपल यादव से काफी प्रभावित हैं। पंखुड़ी सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव हैं। फेसबुक पर भी उनके हजारों फॉलोवर हैं। 

पंखुड़ी को समाजवादी पार्टी की कोर टीम में शामिल करने के पीछे अखिलेश यादव का युवाओं को बढ़ावा देना उद्देश्य है। टीवी चैनलों से लेकर सामाजिक फोरम पर सपा के युथ विंग के लोग पार्टी का प्रतिनिधित्व कर सकें। इसी लिहाज से सपा उन्हें बढ़ावा दे रही है। दरअसल सपा का सोशल मीडिया कैंपेन और समाजवादी डिजिटल फोर्स को संभालने के लिए अब ऐसे प्रोफेशनल्स की टीम का गठन किया गया है, जिनमें बीबीसी जैसे संस्थानों में काम किए लोग भी शामिल हैं। सोशल मीडिया पूरी तरह से डिंपल ही संभाल रही हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा पंखुड़ी को प्रवक्ता के पद पर नियुक्त किया गया। 

समाजवादी पार्टी की प्रवक्ता पंखुड़ी पाठक ने पिछले दिनों आरोप लगाया था कि उन्हें रेप की धमकी दी गई है। उन्होंने इस बारे में ट्वीट करते हुए जानकारी दी थी। इस बार के विधानसभा चुनाव के दौरान पंखुड़ी काफी चर्चा में रही थीं। पंखुड़ी ने अपने ट्वीट में पंकज शुक्ला नाम के एक शख्स की फोटो के साथ ट्वीट किया, ‘इस आदमी ने जो कि यूपीपीसीएल (यूपी पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड) में काम करता है, मुझे ऑनलाइन धमकी दी कि मेरा रेप हो जाएगा। क्या मंत्री श्रीकांत शर्मा, सीएम ऑफिस, मुख्य सचिव या यूपी पुलिस इनके खिलाफ कोई कार्रवाई करेंगे?’ एक और ट्वीट में पंखुड़ी पाठक ने लिखा, ‘मुझे किसी धमकी से डर नहीं लगता। लेकिन क्या किसी सरकारी कर्मचारी की इस तरह खुलेआम ऐसी बात करने की हिम्मत होनी चाहिए ?’ ट्विटर यूजर्स की भी इस पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। साहित्य भवसार नाम से ट्वीट किया गया, ‘जिस प्रदेश में समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुरक्षित नहीं वहां महिलाओं की क्या हालत होती होगी।’ पंखुड़ी पाठक एसपी की चर्चित युवा नेता हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान टीवी पर होने वाली बहसों में वह अक्सर एसपी के पैनल में रहती थीं। पंखुड़ी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री ली है। पंखुड़ी ने 2010 में हंसराज कॉलेज के जॉइंट सेक्रटरी का चुनाव जीता था।

उन्होंने एसपी को दिल्ली के छात्रसंघ चुनाव में मजबूत किया था। 2013 में उन्हें लोहिया वाहिनी का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया था। सोशल मीडिया पर उनके हजारों फॉलोअर हैं। बीती तीन जुलाई को लखनऊ में पालीटेक्निक की छात्रा बलिया निवासी संस्कृति राय की हत्या को लेकर सपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता पंखुड़ी पाठक ने अपना आक्रोश जताया था। पंखुड़ी संस्कृति के घर पहुंचीं। संस्कृति के घरवालों से बातचीत की और ढांढस बंधाया।

इस दौरान पंखुड़ी का कहना था कि प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। यहां पर लड़कियां अब सुरक्षित नहीं रह गई हैं। लखनऊ में हत्या के इतने दिन बाद भी पुलिस अभी तक हत्यारों का सुराग नहीं लगा सकी। ऐसे माहौल में भला कौन अभिभावक अपनी बेटियों को पढ़ाने के लिए दूर शहर भेजेगा।  पंखुड़ी ने कहा कि पिछले साल बलिया में अपने घर से सौ कदम पर ही एक बेटी रागिनी दूबे को निर्मम तरीके से गला रेतकर हत्या कर दी गई। अब तो बेटियां न घर पर सुरक्षित है और न तो घर से बाहर। आखिर इस हालात में लोग बेटियों को किस तरीके से बाहर पढ़ने के लिए भेजें।

जबकि केंद्र सरकार बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ का स्लोगन लोगों को सुना रही है। सरकार का कोई व्यक्ति बेटी के दरवाजे पर नहीं आया। यह बड़े ही शर्म की बात है। जिस प्रदेश के सीएम कहें कि बच्चे सरकार की जिम्मेदारी हैं, वहां बेटियों की सुरक्षा भला कैसे होगी।

पंखुड़ी ने बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए यह भी कहा था कि सरकार बेटियों की सुरक्षा के लिए बड़े-बड़े दावे कर रही थी। लेकिन हर मोर्चे पर विफल रही।

पीड़ित परिवार को ढांढस बधाते हुए पंखुड़ी पाठक ने कहा कि अगर परिवार को न्याय नहीं मिलता है तो प्रदेश स्तर पर संघर्ष किया जाएगा।