राजकीय सम्मान के साथ पूर्व राष्ट्रपति जॉन मैक्केन को दी गई अंतिम विदाई

अमेरिका वासियों ने शुक्रवार को सीनेटर और पूर्व राष्ट्रपति उम्मीदवार जॉन मैक्केन को अंतिम श्रद्धांजलि दी। युद्ध के नायक एवं राजनेता की अंतिम विदाई के लिए आयोजित एक कार्यक्रम के तहत उनके पार्थिव शरीर को अमेरिकी संसद में रखा गया और विदाई भाषण दिए गए। 

राजकीय सम्मान के साथ पूर्व राष्ट्रपति जॉन मैक्केन को दी गई अंतिम विदाईवहीं पूर्व राष्ट्रपति रिपब्लिकन जॉर्ज डब्ल्यू बुश और डेमोक्रेट बराक ओबामा भी वाशिंगटन के नेशनल कैथेड्रल में शनिवार को रखे गए अंतिम विदाई समारोह के दौरान अपने दोस्त के सम्मान में कुछ बोलेंगे। शनिवार को राष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित होने वाले अंतिम विदाई समारोह में दोनों पूर्व राष्ट्रपतियों द्वारा की गई प्रशंसा को भी शामिल किया जाएगा। 

राष्ट्रपति चुनावों में मैक्केन को शिकस्त देने वाले व्यक्तियों से उनके बारे में बोलने के लिए कहना पूर्व युद्ध बंदी की पार्टी नीतियों से ऊपर उठकर देखने की प्रतिबद्धता को प्रमाणित करता है और संकेत देता है कि अपनी राजनीतिक मान्यताओं से ऊपर उठकर अमेरिकी उनके लिए समान तरह से महसूस करते हैं। 

अंतिम विदाई के कार्यक्रम में मैक्केन की पत्नी सिंडी, उनके सात बच्चे और 106 साल की मां रॉबर्टा मैक्केन के अलावा कई सांसद, राज्यों के गवर्नर, राजनयिक और अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। संसद के गोलाकार कक्ष में रखे गए इस शोक समारोह में मैक्केन के साथ कटु विवाद में उलझ चुके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शामिल नहीं हुए। 

अमेरिका के इतिहास में यह सम्मान केवल 30 अमेरिकियों को दिया गया है। मैक्केन का पिछले शनिवार को 81 साल की उम्र में निधन हो गया था। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे एक सैन्य सलामी गारद राष्ट्रीय ध्वज से लिपटे ताबूत को एक-एक कदम रखते हुए संसद की सीढ़ियों से अंदर लेकर गई। वहीं वहां शोक प्रकट करने के लिए मौजूद लोग शांत मुद्रा में खड़े रहे। 

कार्यक्रम में ट्रंप का प्रतिनिधित्व करने आए उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने मैक्केन के परिवार को संबोधित करते हुए श्रद्धांजलि दी। मैक्केन की पार्थिव देह को रविवार को मैरीलैंड के एनापोलिस में अमेरिकी नौसैन्य अकादमी में दफनाया जाएगा। 

मैक्केन ने पहले से ही अपनी अंतिम विदाई के कार्यक्रम की योजना बना ली थी और स्पष्ट कर दिया था कि ट्रंप को उस कार्यक्रम में नहीं बुलाया जाए। पेंस के अलावा रक्षा मंत्री जिम मैटिस, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन और अटॉर्नी जनरल जेफ सेशन्स मौजूद थे।