राम मंदिर को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने कहा- अब नहीं करेंगे इंतजार, सरकार लेकर आए अध्यादेश

नई दिल्ली : पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव और आगामी लोकसभा चुनाव के शंखनाद के साथ ही राममंदिर का नाम भी गूंजने लगा है। भाजपा के साथ आरएसएस और विश्वहिंदू परिषद ने भी राम मंदिर निर्माण को लेकर मुहिम तेज कर दी है। भाजपा ने जहां शनिवार को व्हिप जारी कर अपने सांसदों को ये साफ कर दिया है इस बार संसद के शीत सत्र में सभी को मौजूद रहना है। वहीं विश्वहिंदू परिषद राम मंदिर की मांग की दिशा में पूरी ऊर्जा और उत्साह के साथ आगे बढ़ने को तैयार है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े इस संगठन ने इस सिलसिले में कार्य योजना भी तैयार की है। विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार का कहना है कि हिंदुओं ने राम मंदिर के निर्माण को लेकर काफी लंबा इंतजार किया है और अब वे और इंतजार नहीं कर सकते। सरकार को इस पर अध्यादेश ही लाना होगा। कुमार ने इन बातों को भी खारिज कर दिया कि राम मंदिर के निर्माण से जुड़ी मांग सुप्रीम कोर्ट की अवज्ञा है और इसका मकसद 2019 के लोकसभा चुनावों से ठीक पहले वोटों का ध्रुवीकरण करना है। कुमार ने साफ किया है कि अयोध्या में राम मंदिर को टूटे हुए तकरीबन 500 साल हो गए हैं और पिछले 68 वर्षों से हम अदालत में केस लड़ रहे हैं। साथ ही, पिछले 7 साल से इस मामले से जुड़ा मुकदमा सुप्रीम कोर्ट में है। लेकिन अब इसमें देरी नहीं होगी।

कुमार ने कहा है कि यह सुप्रीम कोर्ट के सामने लंबित सबसे अहम अपीलों में से एक है, लेकिन ऐसा लगता है कि यह सुप्रीम कोर्ट की प्राथमिकता सूची में कहीं नहीं है। हमें विकल्प की तलाश करना है, क्योंकि हिंदुओं ने अपनी उम्मीद से परे जाकर इंतजार किया है। ऐसे में यह कहना किसी भी लिहाज से उचित नहीं माना जाएगा कि हम इस अहम और हिंदुओं की भावनाओं से जुड़े मुद्दे को लेकर जल्दबाजी में हैं। धर्म की आड़ में वोटों के ध्रुवीकरण को लेकर कुमार ने कांग्रेस को भी घेरा। उन्होंने इशारों-इशारों में राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि जनेऊ धारी बनने के साथ ही कैलाश मानसरोवर और महाकाल के दर्शन करने लगे हैं। मध्य प्रदेश के घोषणा पत्र में भी जीतने पर गौशाला बनाए जाने की बात कही गई है। व्हिप जारी कर भाजपा ने अपने सांसदों को संसद के सत्र में मौजूद रहने की हिदायत दी है। इसका मतलब हो सकता है भाजपा इस सत्र में राम मंदिर पर विधेयक ला सकती है।