राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा- दिल्ली में फैली है अराजकता, जनता बेहाल लेकिन बंद हैं PM मोदी की आंखें

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के एलजी ऑफिस पर धरने पर पिछले 7 दिन तक चुप्पी साधे रहने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री ने पूरे मसले पर आंखें मूंद रखी हैं.

राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा- दिल्ली में फैली है अराजकता, जनता बेहाल लेकिन बंद हैं PM मोदी की आंखें केजरीवाल और उनके मंत्रियों की ओर से जारी धरने के 8वें दिन राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में न सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा बल्कि मुख्यमंत्री केजरीवाल को भी आड़े हाथों लिया.

उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री एलजी ऑफिस में धरने पर बैठे हैं, जबकि बीजेपी सीएम आवास पर धरना कर रही है. दिल्ली के नौकरशाह प्रेस कॉन्फ्रेन्स कर रहे हैं. प्रधानमंत्री ने पूरे मसले पर आंखें मूंद रखी है. दिल्ली में जारी ड्रामे से जनता परेशान है.

दिल्ली में राज्य सरकार और उपराज्यपाल के बीच चल रही तनातनी अभी भी जारी है. हालांकि मुख्यमंत्री केजरीवाल की ओर से सुरक्षा का भरोसा देने और हड़ताल खत्म करने की अपील का आईएएस एसोसिएशन की ओर से स्वागत किए जाने के बाद अब हड़ताल के खत्म होने के आसार बनने लगे हैं.
सुलह के आसार बढ़े

केजरीवाल ने रविवार को कहा था कि आईएएस अफसर हमारे परिवार का हिस्सा हैं. उन्हें सुरक्षा देना हमारी जिम्मेदारी है. चुनी हुई सरकार का विरोध आईएएस अफसर बंद कर दें. जिसके जवाब में आईएएस एसोसिएशन ने ट्वीट कर कहा कि पूरी ऊर्जा और जोश के साथ काम करते रहेंगे. हम इस प्रकरण पर मुख्यमंत्री के साथ औपचारिक बातचीत के लिए तैयार हैं.
पूरे प्रकरण पर दिल्ली हाईकोर्ट ने भी तीखी टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि हम समझ नहीं पा रहे कि यह धरना है या हड़ताल और क्या इसकी कोई अनुमति ली गई या खुद ही तय कर लिया गया.

कोर्ट ने सवाल किया कि अगर ये खुद व्यक्तिगत रूप (केजरीवाल और मंत्रियों द्वारा) से तय किया गया फैसला है तो ये एलजी के घर के बाहर होना चाहिए था. क्या एलजी के घर के अंदर धरना करने के लिए इजाजत ली गई है? हाईकोर्ट ने कहा कि आप कैसे किसी के घर या दफ्तर में जाकर हड़ताल पर बैठ सकते हैं.

हालांकि धरने का राजीनीतिकरण होता जा रहा है, कई दल केजरीवाल के धरने को अपना समर्थन दे रहे हैं. 4 राज्यों के मुख्यमंत्रियों की ओर से समर्थन किए जाने के बाद शिवसेना और जेडीयू ने भी केजरीवाल का समर्थन किया.