रोज नहाने के बाद बिना कुछ बोले करें इस छोटे से मंत्र का जाप

- in अद्धयात्म

भगवान शिव को भोले नाथ भी कहते हैं क्योकि ये जिस पर प्रसन्न हो जाते हैं उसके सारे काम बना देते हैं लेकिन जिसपर भगवान शिव क्रोधित होते हैं उसे दण्ड भी देते हैं। ये सभी देवो में श्रेष्ठ माने जाते है, भगवान् शिव अपने भक्तो के सभी दुखो को हमेशा हर लेते है लेकिन क्रोधित होने पर सर्वनाश भी कर देते है।

आज हम इस लेख में भगवान शिव के ऐसे मंत्र के बारे में बता रहें हैं जिसके जाप से जीवन की सारी परेशानी का अंत होता है। इस मंत्र का जाप रोज स्नान करने के बाद करना चाहिए। ऐसा करने से भगवान शिव सारे कष्ट हर लेते हैं।इस मंत्र के जाप से सभी मनोकामना पूरी होती हैं व परिवार के किसी भी सदस्य को कोई बीमारी नहीं होती। भगवान शिव का चमतकारी मंत्र हैं।

ऊं त्रयम्बकं यजामहे, सुगन्धिं पुष्टिवर्धनं उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मोक्षिय मामृतात्।

इस मंत्र का जाप सुबह स्नान करने के बाद भगवान् शिव को फूल ,फल चढा कर शिव मंदिर में जा कर शिव जी के सामने आसन लगाये शिवजी का ध्यान करके इस मन्त्र का जप करें।

मन्त्र के प्रभाव से सारे दुखो का अंत होता है और जीवन में खुशियाँ आती है। मंत्र के प्रभाव से अकाल मृत्यु, के भय से बचा जा सकता है। मंत्र के शुभ प्रभाव से कारोबार में तरक्की मिलती है व संतान प्राप्ति का सुख भी मिलता हैं। इस मंत्र के सवा लाख जाप किये जाते हैं। जिससे हमेशा शिव कृपा बनी रहती है।