लखनऊ नगर निगम ने शुरू की 24376.24 लाख रुपये की आवासीय योजना

लखनऊ : प्रदेश के संसदीय कार्य एवं नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने राजधानी के औरंगाबाद खालसा में 24376.24 लाख रुपये की आवासीय परियोजना तथा बिजनौर मार्ग पर क्षेत्रीय जोन कार्यालय-8 के परिसर में 66 लाख रुपये की लागत से दुकानों के निर्माण की परियोजना शुरू की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पहली बार लखनऊ नगर निगम रिहायशी इलाके में अपने स्वामित्व वाली भूमि पर आवासीय योजना शुरू करने जा रहा है। इस योजना में आम लोगों को उचित कीमत और आसान किश्तों पर अपना घर मिल सकेगा। खन्ना गुरुवार को आवासीय तथा कामर्शियल दो योजनाओं को लॉन्च करने के बाद सम्बोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि एस.जी.पी.जी.आई. के समीप लखनऊ नगर निगम के स्वामित्व वाली 10 एकड़ जमीन पर ई.डब्ल्यू.एस., एल.आई.जी., एम.आई.जी. तथा एच.आई.जी. श्रेणी के कुल 684 आवास बनाये जायेंगे। इन आवासों का पंजीकरण से लेकर पूरी धनराशि किश्तों में जमा करने की व्यवस्था भी है। कम आय वर्ग के लोग इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। इस योजना के आवास दो वर्षों में तैयार हो जायेंगे। वर्तमान समय में निर्माण कार्य प्रगति पर है। इस योजना में पर्यावरण अनुकूल, जीरो डिसचार्ज, सुव्यवस्थित विद्युत आपूर्ति, पेयजल, सीवर प्रणाली, जल संरक्षण, एल.ई.डी. प्रकाश व्यवस्था, हरित एस.टी.पी. सेवाओं से युक्त होगा। इसमें कम्युनिटी सेन्टर, परिसर में शॉपिंग सुविधाएं भी होंगी। यह टाउनशिप लखनऊ एयरपोर्ट से साढ़े चार किलोमीटर तथा चारबाग रेलवे स्टेशन से लगभग 8 किलोमीटर की दूरी पर कैण्ट, जेल रोड, वी.आई.पी. मार्ग आदि है।उन्होंने बताया कि आवासों के निर्माण में गुणवत्ता तथा बुनियादी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जायेगा। लैट की कीमत 64 लाख, 63 लाख, 34.41 लाख, 25 लाख तथा ई.डब्ल्यू.एस. की कीमत 10.5 लाख रुपये प्रस्तावित की गयी है।

लखनऊ नगर निगम के क्षेत्रीय कार्यालय जोन-8 परिसर में भूतल पर 8 तथा प्रथम तल पर 8 दुकानें निर्माणाधीन हैं। दुकानों के पंजीकरण के लिए एक सुनहरा अवसर है। निर्माण स्थल बंग्ला बाजार बिजनौर मार्ग पर बिजली पासी किला, आशियाना, ट्रॉंसपोर्ट नगर तथा अम्बेडकर विश्वविद्यालय के निकट है। खन्ना ने बताया कि दुकानों का स्वामित्व नगर निगम लखनऊ का रहेगा। यह दुकानें 30 वर्षों के लिए दी जायेंगी। इसमें सामान्य सेवाओं जैसे लिट, जेनरेटर, मार्ग प्रकाश, सीवर, सुरक्षा, जलापूर्ति, सफाई आदि की व्यवस्था होगी। रिहायशी इलाके में निर्माणाधीन यह दुकानें कामर्शियल गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगी।