वैट को लेकर दिल्ली सरकार और पेट्रोल पंप संचालकों के बीच जंग को लेकर पिसे लोग

पेट्रोल-डीजल से वैट कम करने की मांग को लेकर सोमवार को पेट्रोल पंप संचालकों ने हड़ताल की। इसकी वजह से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। साथ ही अलग-अलग इलाकों में पेट्रोल की कालाबाजारी भी चलती रही।

नई दिल्ली: वैट काम करने को लेकर दिल्ली सरकार और पेट्रोल पंप मालिकों के बीच हुई अनबन के कारण सोमवार को 400 पेट्रोल पंप बंद रहे। इसके चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस एक दिन की हड़ताल में पेट्रोल पंप मालिकों को होने वाले नुक्सान का अनुमान 50 करोड़ लगाया जा रहा है। और सरकार को लगभग 12 करोड़ के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। हड़ताल में दिल्ली के 160 सीएनजी पंप भी शामिल रहे। इसके कारण बाइक, कार के अलावा टैक्सी चालक भी सीएनजी के लिए दिन भर लोग भटकते रहे। लोगों ने वाहन छोड़ मेट्रो के सफर को ही ठीक समझा। कई लोग अपने ऑफिस भी नहीं पहुंच पाए। कुछ लोग वाहन पार्किंग में खड़ा कर मेट्रो से सफर कर गंतव्य तक गए। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बयान का दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन ने कड़ा विरोध किया। एसोसिएशन के अध्यक्ष निश्चल सिंघानिया ने कहा कि दिल्ली सरकार राहत देने की जगह राजनीति कर रही है। सरकार ने मनमानी नहीं छोड़ी तो जल्द ही दिल्ली सरकार के खिलाफ पेट्रोल पंप मालिकों का बड़ा विरोध देखने को मिलेगा। उन्होंने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए जल्द वैट कम करने की मांग भी की है। सिंघानिया ने बताया कि एक दिवसीय हड़ताल के कारण सरकार और पेट्रोल पंप मालिकों को 50 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। उन्होंने ये भी कहा कि दिल्ली के पेट्रोल पंपों की हड़ताल पिछले कुछ समय से मिल रहे घाटे की वजह से है। वैट कम न होने के कारण ग्राहक भी गाजियाबाद, नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद जाकर तेल भरवा रहे हैं। केंद्र सरकार ने जब से वैट कम किया है तब से अब तक दिल्ली में 20 फीसदी डीजल और 30 फीसदी पेट्रोल की बिक्री में कमी आई है। इतना ही नहीं दिल्ली के 22 पेट्रोल पंप ऐसे हैं, जिनके यहां पिछले दिनों एक भी ग्राहक तेल लेने के लिए नहीं पहुंचा।
140 तक बिका पेट्रोल
नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में सुबह ब्लैक में पेट्रोल 100 रुपये/लीटर बिकना शुरू हुआ और शाम तक यह 140 रुपये/लीटर तक पहुंच गया। जानकारी के अभाव में दिनभर लोग पेट्रोल पंप पर पहुंचते और पेट्रोल पंप बंद होने की वजह से निराश होकर लौटते रहे। गांवड़ी रोड की एक दुकान पर सुबह से शाम तक पेट्रोल की बिक्री हुई। ब्लैक में पेट्रोल 110 से 130 रुपये/लीटर तक बिका। मुस्तफाबाद में भी ब्लैक में पेट्रोल का यही रेट था। करावल नगर चौक और शिव विहार तिराहे पर सुबह 100 रुपये/लीटर से पेट्रोल बिकना शुरू हुआ और शाम तक 140 रुपये तक पहुंच गया। यमुनापार के सीमावर्ती कॉलोनियों में रहने वाले लोगों ने यूपी के पेट्रोल पंपो पर जाकर बाइक और कार में पेट्रोल भरवाया। वजीराबाद रोड पर कई लोग पेट्रोल खत्म होने पर बाइक को धक्का लगाते हुए ले गए। वेस्ट दिल्ली के ख्याला, रघुवीर नगर इलाके में कई जगह चोरी-छुपे तो कई जगह खुलेआम ब्लैक में पेट्रोल बेचे जा रहे थे। रघुवीर नगर इलाके में कुछ मोटर मकैनिक की दुकानों पर ब्लैक में पेट्रोल मिल रहा था। लोगों का कहना है कि 120-130 रुपये/लीटर तक पेट्रोल बिका। हालांकि पेट्रोल ज्यादा देर तक नहीं मिला। दोपहर होने से पहले ही पेट्रोल खत्म हो गया। कालाबाजारी के लिए लोगों ने एक दिन पहले ही पेट्रोल खरीद लिए थे।