‘शिक्षक दिवस समारोह’ में डेढ़ करोड़ रुपये के पुरस्कारों से नवाजे गये सी.एम.एस. शिक्षक

- in लखनऊ

उद्देश्यपूर्ण एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का विस्तार होना चाहिए : पीयूष गोयल


लखनऊ : शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में सिटी मोन्टेसरी स्कूल द्वारा ‘शिक्षक दिवस समारोह’ का शानदार आयोजन आज सी.एम.एस. गोमती नगर (द्वितीय कैम्पस) आॅडिटोरियम में किया गया। समारोह का शुभारम्भ मुख्य अतिथि पीयूष गोयल, रेलमंत्री, भारत सरकार, द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं पूर्व राष्ट्रपति डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ जबकि आशुतोष टंडन, कैबिनेट मंत्री, तकनीकी शिक्षा एवं चिकित्सा शिक्षा, उ.प्र. एवं संयुक्ता भाटिया, मेयर, लखनऊ, ने अपनी उपस्थिति से समारोह की गरिमा बढ़ाई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि पीयूष गोयल ने सी.एम.एस. शिक्षकों को उनकी अतुलनीय सेवाओं के लिए नगद पुरस्कारों व उपहारों से सम्मानित किया। कुल मिलाकर, सी.एम.एस. के सभी शिक्षकों व कार्यकर्ताओं को डेढ़ करोड़ रूपये के नगद पुरस्कारों व उपहारों से पुरष्कृत कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर केरल के बाढ़ पीड़ितों के लिए 8 लाख रूपये का चेक केरला समाजम संस्था को प्रदान किया गया, जिसे मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा कराया जायेगा। इस धनराशि को सी.एम.एस. छात्रों व शिक्षकों के सहयोग से एकत्रित किया गया है।समारोह में सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी एवं डा. भारती गाँधी ने विद्यालय के विद्वान एवं कर्तव्यनिष्ठ शिक्षकों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। इससे पहले, सी.एम.एस. के क्वालिटी अश्योरेन्स एवं इनोवेशन डिपार्टमेन्ट की हेड एवं सुपीरियर प्रिन्सिपल सुष्मिता बासु ने मुख्य अतिथि समेत अन्य गणमान्य अतिथियों एवं शिक्षकों का हार्दिक स्वागत-अभिनन्दन किया। सी.एम.एस. प्रेसीडेन्ट प्रो. गीता गाँधी किंगडन ने भी सभी का स्वागत करते हुए कहा कि सी.एम.एस. के सभी शिक्षक व अन्य कार्यकर्ता बधाई के पात्र हैं जो बच्चों को पढ़ाई के साथ ही उनका चरित्र निर्माण कर भविष्य निर्माण कर रहे हैं।

शिक्षकों को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि उद्देश्यपूर्ण एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा वर्तमान समय की महती आवश्यकता है और इसमें शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सामाजिक विकास में शिक्षकों की भूमिका सदैव प्रासंगिक रहेगी। वास्तव में, शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान का नाम नहीं है अपितु इसमें संस्कार, परम्परायें व सद्गुणों का विकास भी शामिल है। सी.एम.एस. के शिक्षकों ने अपनी कड़ी मेहनत, लगन व कर्तव्यनिष्ठा से विद्यालय के साथ ही लखनऊ का नाम भी रोशन किया है। शिक्षक दिवस समारोह का विशेष आकर्षण विद्यालय के सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों के माता-पिता का सम्मान समारोह रहा, जिसके अन्तर्गत सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों की माताजी को फलों व फूलों से तौलकर एवं पिताजी को शाल भेंट कर सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया गया। आई.एस.सी. (कक्षा-12) सेक्शन के अन्तर्गत वर्ष 2017-2018 के लिए सर्वश्रेष्ठ शिक्षक घोषित किये गये सी.एम.एस. गोमती नगर (प्रथम कैम्पस) के फिजिकल एजूकेशन शिक्षक रोहित मिश्रा एवं आई.सी.एस.ई. (कक्षा-10) सेक्शन के अन्तर्गत सर्वश्रेष्ठ शिक्षिका घोषित की गई सी.एम.एस. आर.डी.एस.ओ. कैम्पस की कम्प्यूटर शिक्षिका मोनिका मलिक को नगद पुरस्कारों से सम्मानित किया गया तथापि इन दोनों शिक्षकों के माता-पिता को सार्वजनिक तौर पर सम्मानित किया गया।

इसके अलावा, सी.एम.एस. के विभिन्न कैम्पस के शिक्षकों को, जिन्हें कैम्पस स्तर पर सर्वश्रेष्ठ शिक्षक घोषित किया है, उन्हें भी सम्मानित किया गया। इसके अलावा, शैक्षणिक, साँस्कृतिक व सामाजिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि अर्जित करने वाले सी.एम.एस. के विभिन्न कैम्पस की प्रधानाचार्याओं व शिक्षकों को नगद धनराशि व आकर्षक उपहारों से पुरष्कृत कर सम्मानित किया गया। कुल मिलाकर इस भव्य समारोह में सी.एम.एस. परिवार के सभी शिक्षकों व कार्यकर्ताओं को डेढ़ करोड़ रूपये के नगद पुरस्कार व अन्य उपहारों से पुरष्कृत कर सम्मानित किया गया। इससे पहले, सी.एम.एस. शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग शिक्षात्मक-साँस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच ‘शिक्षक दिवस समारोह’ सम्पन्न हुआ तथापि स्कूल प्रार्थना, सर्व-धर्म प्रार्थना, विश्व शान्ति प्रार्थना एवं स्वागत गाान आदि के शानदार प्रस्तुतिकरण ने सम्पूर्ण आॅडिटोरियम को आध्यात्मिक प्रकाश से आलोकित कर दिया।

समारोह का विशेष आकर्षण देश की साँस्कृतिक विरासत का शानदार प्रस्तुतीकरण रहा, जिसके अन्तर्गत सी.एम.एस. इन्दिरा नगर, राजेन्द्र नगर, गोमती नगर एवं कानपुर रोड कैम्पस के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने दिल्ली, सिक्कम, अरूणाचल प्रदेश एवं गोआ राज्यों का प्रतिनिधित्व करते हुए ‘विभिन्नता में एकता’ की महान संस्कृति व सभ्यता को रेखांकित किया। इस अवसर पर ‘माडल यूनाइटेड नेशन्स’ की प्रस्तुति भी सभी के आकर्षण का केन्द्र रही जिसमें सी.एम.एस. शिक्षकों ने शिक्षा में गुणवत्ता के समावेश पर जोर दिया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी को समर्पित गीत ‘कदम मिला के चलना होगा’ एवं भारतीय रेल पर आधारित प्रस्तुति ‘रेल कराती मेल’ को भी सभी ने खूब सराहा। इसके अलावा, थाईलैण्ड नृत्य, वन्दे मातरम, स्वागत गान, कोरियोग्राफी, कव्वाली, प्रार्थना नृत्य, लघु नाटिका आदि अनेकानेक इन्द्रधनुषी प्रस्तुतियों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस अवसर पर अपने उद्बोधन में सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने सी.एम.एस. शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज सी.एम.एस. जिस मुकाम पर खड़ा है, निःसंदेह उसका श्रेय आप सभी शिक्षकों व प्रधानाचार्याओं को जाता है। समारोह के अन्त में सी.एम.एस. की संस्थापिका-निदेशिका व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. भारती गाँधी ने सभी विद्वान शिक्षकों, मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि व अन्य गणमान्य नागरिकों के प्रति अपना हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि पाँच बच्चों से शुरू हुए इस विद्यालय में आज 55 हजार से अधिक बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, यह सब आप महान शिक्षकों की बदौलत ही संभव हुआ है।