सपा व बसपा नेता ने सीएम योगी के बयान पर किया बवाल, बांह पर काली पट्टी बांधकर पहुंचे नेता

सपा व बसपा नेता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिये गए बयान पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए बृहस्पतिवार को विरोध स्वरूप बांह पर काली पट्टी बांधकर सदन पहुंचे। विपक्षियों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में अपने भाषण के दौरान ‘असंसदीय भाषा’ का इस्तेमाल किया है। उनकी टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से बाहर करने की मांग उठाई पुरजोर तरीके से उठाई गई।

सपा पर सीएम योगी के बयान पर बवाल, बांह पर काली पट्टी बांधकर पहुंचे नेतामालूम हो कि बुधवार को विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बसपा को नसीहत देते हुए सपा से दूर रहने की बात कही और कहा कि कि बार-बार ठोकर खाना समझदारी नहीं है। तंज कसते हुए बोले, सपा के साथ सदन से बहिर्गमन करने वाली कांग्रेस और बसपा को समझना चाहिए कि सांप का बच्चा सांप ही होगा। जब भी मौका मिलेगा तो डसेगा जरूर।

गुरुवार को जैसे ही सदन की बैठक शुरू हुई नेता प्रतिपक्ष राम गोविन्द चौधरी हमलावार हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने अनुपूरक बजट पर कल अपने वक्तव्य में असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया। वहीं, सपा के पारसनाथ यादव ने कहा कि ‘योगी’ होने के बावजूद सदन में सीएम का ऐसा कथन बहुत ही शर्मनाक है। ये दर्शाता है कि उनमें अनुभव की कमी है।

विधानसभा अध्यक्ष ने सुरक्षित किया फैसला

वहीं, कांग्रेस के अजय कुमार लल्लू ने भी विरोध जताया। उन्होंने कहा कि क्या राजनीतिकि पार्टियों की तुलना जानवरों से की जानी चाहिए। सीएम का ऐसा कथन अशोभनीय है और ऐसे असंसदीय शब्दों को सदन की कार्यवाही से तत्काल हटा देना चाहिए। 

इसके बाद विपक्षियों के सवालों का जवाब देने के लिए संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना उठे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के भाषण में असंसदीय भाषा का इस्तेमाल नहीं हुआ है। उन्होंने कई बार अलग-अलग तुलनाएं कीं लेकिन बिना किसी का नाम लिए।  अंत में विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने इस मुद्दे पर अपना फैसला सुरक्षित करते हुए कहा कि वह मंत्री से इस संबंध में चर्चा करेंगे।