सरकारी नौकरी से हाईटेक मदरसे तक, जानिए बजट की खास बातें

राजस्थान में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपने इस कार्यकाल के आखिरी बजट में घोषणाओं का चुनावी पिटारा खोल कर रख दिया है. बजट में राजे ने राज्य के करीब 20 लाख किसानों के 50 हजार रुपये तक की कर्ज माफी की घोषणा की है. इसके साथ ही बेरोजगार युवाओं के लिए 8 महीने के अंदर भर्तियों का अंबार लगा दिया है. वहीं, इस बजट में वसुंधरा राजे का सबसे ज्यादा जोर किसानों को ले कर रहा है. जानिए, उनके इस कार्यकाल के आखिरी बजट की 10 खास बातें.राजस्थान में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे

> वसुंधरा सरकार के इस बजट में करीब एक लाख 83 हजार अलग-अलग विभागों में नौकरियां दी जाएंगी. इसमें से करीब 78000 अकेले शिक्षा विभाग में वैकेंसी निकाली गई है.

> चुनावी साल में किसानों और बेरोजगारों के अलावा वसुंधरा राजे को गाय माता की भी याद आई है राजस्थान के सभी जिलों में नंदी गौशाला परियोजना के तहत गौशाला खोले जाएंगे. जिसमें 50 लाख तक की सहायता दी जाएगी. इसके अलावा निजी गोशालाओं को 6 महीने तक सरकारी खजाने से पैसे दिए जाएंगे.

> वसुंधरा राजे ने इस बजट भाषण में पूर्व मुख्यमंत्री भैरो सिंह शेखावत को याद करते हुए उनके नाम से आदिवासियों के कौशल प्रशिक्षण की भी योजना शुरू की है.

> बजट में आर्थिक रूप से पिछड़ों के कल्याण के लिए पहली बार प्रावधान करते हुए बीजेपी के पूर्व नेता सुंदर सी भंडारी के नाम से योजना शुरू की गई है.

> राजस्थान में पत्रकारों को भी बिना किसी ब्याज के 25 लाख रुपये तक के होम लोन दिए जाने की घोषणा की है.

> राजस्थान में पुलिस कर्मी वेतन कटौती की वजह से नाराज थे उनकी नाराजगी दूर करने के लिए सभी के मासिक मेष भत्ते में 400 रुपये का इजाफा किया गया है.

> बजट में सिंचाई के लिए करीब 52 हजार करोड़ की योजनाओं की घोषणा की गई है. इसके अलावा पानी के इंतजाम के लिए किसानों को दिए जाने वाली अनुदान में भी 75 फीसदी तक की सहायता की घोषणा की गई है.

> राजस्थान में 500 मदरसों को 25 करोड़ 18 लाख रुपये खर्च कर हाईटेक बनाने की घोषणा की गई है.

> बजट में सबसे ज्यादा हिस्सा मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के क्षेत्र झालावाड़ और उनके बेटे दुष्यंत सिंह के संसदीय क्षेत्र  बारां झालावाड़ को दिया गया है. बारां, झालावाड़ में सड़क निर्माण से लेकर सिंचाई की परियोजनाओं की झड़ी लगा दी गई है.

> जीएसटी और नोटबंदी की वजह से नाराज व्यापारियों को मनाने के लिए पहली बार राज्य में 10 करोड़ रुपये की लागत से व्यापारी कल्याण निधि बनाई गई है, साथ ही राज्य में एक व्यापारी कल्याण बोर्ड का भी गठन किया गया है.