सीएमएस छात्र टीम को ‘विप्रो अर्थियन अवार्ड’

विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी ने ट्राफी, प्रशस्ति पत्र व एक लाख रुपये के नगद पुरस्कार से किया सम्मानित

लखनऊ : सिटी मोन्टेसरी स्कूल, कानपुर रोड कैम्पस की छात्र टीम को लगातार चौथी बार ‘विप्रो अर्थियन अवार्ड’ से नवाजा गया है तथापि पुरस्कारस्वरूप ट्राफी, प्रशस्ति पत्र एवं एक लाख रूपये का नगद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया है। सी.एम.एस. छात्र टीम को यह अवार्ड ‘सस्टेनबिलिटी एण्ड बायोडायवर्सिटी’ के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु प्रदान किया गया। अभी हाल ही में बंगलुरू के विप्रो ऑडिटोरियम में आयोजित एक भव्य समारोह में विप्रो कम्पनी के चेयरमैन अजीम प्रेमजी ने सी.एम.एस. कानपुर रोड कैम्पस के मेधावी छात्रों व शिक्षिकाओं नीलम पाण्डेय एवं कविता एस. शाही को ट्राफी, प्रशस्ति पत्र व नगद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। सम्मानित होने वाले छात्रों में विशेष उपाध्याय, चन्द्रिमा नाथ, हिमांशु मिश्रा, तवीषा साहनी एवं श्रुति यादव शामिल हैं। इस अवसर पर सी.एम.एस. छात्रों ने विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी से अपने प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से चर्चा की, साथ ही विभिन्न विषयों पर बातचीत कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया।

सी.एम.एस. के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी हरि ओम शर्मा ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में छात्रों एवं युवा पीढ़ी की सहभागिता को बढ़ाने के उद्देश्य से विप्रो कम्पनी के संयोजकत्व में ‘विप्रो अर्थियन अवार्ड’ प्रदान किया जाता है। इस प्रतिष्ठित अवार्ड हेतु सी.एम.एस. छात्र टीम को देश भर के लगभग 10,000 शैक्षिक संस्थानों में से चुना गया है। इन मेधावी छात्रों ने ‘सस्टेनबिलिटी एण्ड बायोडायवर्सिटी’ के क्षेत्र में अपने शोध एवं प्रस्तुतिकरण से हरित क्रान्ति हेतु जागरूकता प्रवाहित करने के साथ ही बड़े ही अनूठे ढंग से जनमानस को ‘रि-साइकिल, रियूज एण्ड रिड्यूज पलूशन’ हेतु प्रेरित किया है। श्री शर्मा ने बताया कि पुरस्कार हेतु बंगलुरू आने-जाने एवं ठहरने का सम्पूर्ण खर्च विप्रो द्वारा वहन किया गया।

सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने सी.एम.एस. कानपुर रोड कैम्पस की इस उपलब्धि पर हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा है कि इस उपलब्धि का सम्पूर्ण श्रेय विद्यालय के विद्वान शिक्षकों व मेधावी छात्रों को जाता है जिनकी अतुलनीय निष्ठा व परिश्रम की बदौलय यह विद्यालय देश ही नहीं अपितु अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर जाना जाता है। डा. गाँधी ने कहा कि सी.एम.एस. शिक्षकों की लगन व कर्तव्यनिष्ठा के बलबूते ही विद्यालय दिन प्रतिदिन नये कीर्तिमान गढ़ रहा है तथापि सी.एम.एस. शिक्षकों ने विद्यालय के 58 वर्षीय शैक्षिक सफर में कई आयाम स्थापित किए हैं जिस पर सिर्फ लखनऊवासियों को ही नहीं अपितु पूरे प्रदेश व देश को गर्व है।