सीडब्ल्यूसी बैठक में राहुल गांधी ने 300 सीटों पर फूंका 2019 चुनाव का बिगुल

कांग्रेस में अहम फैसले लेने वाली कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में रविवार को 2019 लोकसभा चुनावों का बिगुल फूंक दिया। करीब पांच घंटे चली मीटिंग में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए 35 दिग्गज नेताओं ने अपने विचार रखें।सीडब्ल्यूसी बैठक में राहुल गांधी ने 300 सीटों पर फूंका 2019 चुनाव का बिगुल

साल 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के सरकारी दावे को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने एक झूठ बताया। देश के शीर्ष अर्थशास्त्रियों में से एक सिंह ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कृषि की विकास दर 14 फीसद या इससे अधिक होना चाहिए, जबकि मौजूदा स्थिति में ऐसी कोई सम्भावना दिखाई नहीं देती है।

कांग्रेस के मुताबिक डॉ सिंह ने देश को विकास के रास्ते पर आगे ले चलने वाली ठोस नीतियों पर चलने की बजाय हमेशा खुद की प्रशंसा करने वाली पीएम मोदी के कथित तरीके की कड़ी आलोचना की। 

दिख रहे हैं सरकार के जाने के लक्षण: सोनिया

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि सरकार की हताशा यह साफ इशारा कर रही है कि अब उसके जाने का समय आ गया है। उन्होंने पार्टी को कमजोर वर्गों की लड़ाई लड़ने की बात कही और कहा कि पार्टी की इस लड़ाई में वे सब पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ हैं। 

बैठक के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि ‘कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में सीडब्ल्यूसी की बैठक में 2019 के चुनाव का बिगुल बजा दिया गया है। 

बैठक में राहुल ने कहा कि ‘आज मौजूदा माहौल में देश की आकांक्षाओं को तोड़ा जा रहा है, प्रजातंत्र को खत्म किया जा रहा है। मोदी सरकार देश की अहम संस्थाओं पर अतिक्रमण कर रही है। हर जाति और युवाओं के अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। कांग्रेस ही एकमात्र ऐसा संगठन है जो इस अन्याय के खिलाफ लड़ने के लिए सक्षम है।’ 

सुरजेवाला ने आगे बताया ‘यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने कहा कि सत्ताधारी दल के द्वारा देश में नफरत का माहौल देश पर थोपा जा रहा है। पीएम मोदी को पूरा देश देख रहा है कि वह किस तरह अपने पद की गरिमा को ताक पर रख कर उसका उल्लंघन कर रहे हैं। वह इस देश की सच्चाई को देख नहीं पा रहे हैं। कांग्रेस एक ऐसी पार्टी है जो यूनाइट करती है। जो किसी में भेदभाव नहीं करती है। जो कि किसानों महिलाओं और दलित, पिछड़ो का कांग्रेस प्रतिनिधित्व करती है।’

वहीं पार्टी महासचिव अशोक गहलोत ने बताया कि ‘हमने 40 साल के जीवन में देश में कभी ऐसा माहौल नहीं देखा। किसी को भ्रम नहीं होना चाहिए। भाजपा के लोग धन-बल का प्रयोग कर रहे हैं। सरकारी मशीन का दुरुपयोग कर रहे हैं। देश में अविश्वास का माहौल बन गया है इस पर पुरी कार्यसमिति  ने चिंता व्यक्त की है। हम एनडीए सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।’

300 सीटें जीतने के लिए रणनीति

सूत्रों के मुताबिक बैठक में 300 सीटों को जीतने के लिए रणीनीति तैयार की गई है। इसके साथ ही बैठक में देश के अलग-अलग मुद्दे उठाए गए। पार्टी का केंद्र भारत के कृषि, युवा, अर्थव्यवस्था, आंतरिक/बाहरी सुरक्षा, एससी/एसटी/ओबीसी महिला और संस्थानों की अखंडता को बनाए रखना है।

राहुल गांधी बने गठबंधन का चेहरा

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस नेता सचिन पायलट, शक्ति सिंह गोहिल, रमेश चेन्निथला ने बैठक में कहा कि हमें पार्टियों के साथ रणनीतिक साझेदारी करनी चाहिए लेकिन पार्टी को गठबंधन के केंद्र में रहना चाहिए और राहुल गांधी को इस गठबंधन का चेहरा बनाना चाहिए। 

300 सीटों को जीतने का फॉर्म्युला

सूत्रों के अनुसार बैठक में पी चिदंबरम ने 300 सीटों के जीतने का खाका पेश किया। चिदंबरम के मुताबिक पार्टी 12 राज्यों में मजबूत है। कांग्रेस अपने नंबरों को तीन गुना बढ़ाकर 150 कर सकती है। बचे हुए राज्यों में पार्टी का क्षेत्रीय पार्टियों के साथ गठबंधन महत्वपूर्ण साबित होगा।