सीबीआइ की बड़ी कार्रवाई : गुटखा घोटाले में तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री और डीजीपी के घर छापा


चेन्‍नई : गुटखा घोटाले के सिलसिले में चेन्नई में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने 40 ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान शुरू किया है। मोगाप्पैर में तमिलनाडु के डीजीपी टीके राजेंद्रन, मदुरावोयाल के निकट पूर्व डीजीपी एस. जॉर्ज, स्वास्थ्य मंत्री सी. विजयभास्कर तथा अन्य पुलिस अधिकारियों के घरों की भी तलाशी ली जा रही है। गुटखा घोटाले के सिलसिले में मंगलवार को चेन्नई में सीबीआई ने बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सी विजय भास्कर और डीजीपी टीके राजेंद्रन के आवास पर जांच एजेंसी ने छापे मारे हैं। इसके अलावा पूर्व डीजीपी एस जॉर्ज और अन्य पुलिस अधिकारियों के ठिकानों को भी सीबीआई की टीम ने खंगाला है।

राजधानी चेन्नई में कुल 40 ठिकानों पर जांच एजेंसी ने छापे की कार्रवाई की है। छापेमारी के दौरान क्या बरामद हुआ है, इस बारे में जानकारी मिलने का अभी इंतजार है। अप्रैल 2018 में मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को बड़ा झटका देते हुए गुटखा घोटाले की सीबीआई जांच का आदेश दिया था। घोटाले में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सी विजय भास्कर और डीजीपी टीके राजेंद्रन का नाम आने से काफी समय से तमिलनाडु की राजनीति में हलचल मची थी। 2016 में तमिलनाडु में गुटखा निर्माताओं के कार्यालयों, आवासों और गोदामों पर आयकर के छापे से संबंधित है। इस दौरान जब्त एक डायरी में विभिन्न अधिकारियों को कथित तौर पर दिये गए रिश्वत का ब्योरा दर्ज है। गौरतलब है कि यह मामला सामने तब आया था जब 8 जुलाई 2017 को आयकर विभाग ने लगभग 250 करोड़ की टैक्स चोरी के शक में एक गुटखा निर्मता कंपनी के गोदाम, दफ्तर और घरों में छापा मारा गया। राज्य सरकार ने 2013 में गुटखा और पान मसाला समेत खाद्य तंबाकू पदार्थों के उत्पादन, स्टोरेज और बिक्री पर रोक लगा दी थी।