सीबीएसई का नया फरमान, जींस और चुस्त कपड़े पहनकर परीक्षा देने न आएं छात्र

परीक्षा को नकलविहीन कराने के लिए सीबीएसई ने नई गाइडलाइन तय की है। इसके तहत जो प्राइवेट छात्र जींस पहनकर परीक्षा देने आते हैं तो उनको कक्ष में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। साथ ही पहली बार उत्तर पुस्तिकाओं का दो बार मूल्यांकन कराया जाएगा ताकि मूल्यांकन में होने वाली त्रुटियों को दूर किया जा सके।

आगरा के कमला नगर के एसएस कॉन्वेंट स्कूल में दिल्ली से सजीव प्रसारण के जरिये मुख्य नियंत्रक परीक्षा संयम भारद्वाज और सचिव अनुराग त्रिपाठी ने परीक्षा की नई गाइड लाइन की जानकारी दी। कार्यक्रम में प्रधानाचार्यों को बताया गया कि प्राइवेट छात्र जींस और कसे हुए कपड़े नहीं पहनकर आएं।

यह जानकारी सभी प्राइवेट छात्रों को निर्देशित करने के लिए कहा गया है। प्राइवेट छात्रों को सफेद शर्ट जरूर पहनकर आने को कहा। इसके अलावा इस बार उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन होने के बाद दोबारा जांची जाएगी। शिक्षक उत्तरों को दिए गए अंक, कुल प्राप्तांक का भी आकलन करेगा।

बोर्ड ने किए कई बदलाव

इससे पहले एक उत्तर पुस्तिका के आधे प्रश्न एक शिक्षक और आधे प्रश्न के जवाब को दूसरा शिक्षक जांचता था। परीक्षा केंद्रों पर स्कूल प्रबंध तंत्र का प्रवेश वर्जित होगा। अगर सचल दल को प्रबंधन का कोई व्यक्ति सेंटर पर मिला तो उसका सेंटर निरस्त करने की संस्तुति की जाएगी।

ऐसे कॉलेजों को सेंटर नहीं बनाया गया है, जिसके प्रबंधक प्रधानाचार्य हैं। परीक्षा सुबह दस बजे से शुरू होगी, इसके बाद प्रवेश नहीं दिया जाएगा। हर सेंटर पर दो शिक्षक अन्य स्कूल के रहेंगे। आगरा के प्रभारी डॉ. रामानंद चौहान ने बताया कि मूल्यांकन में भूलवश को कोई त्रुटि होती है तो पुनर्मूल्यांकन में यह पकड़ी जाएगी। इसके अलावा कई और बदलाव बोर्ड ने किए हैं।

25 उत्तर पुस्तिकाओं से अधिक नहीं जांच पाएंगे शिक्षक
मूल्यांकन में पारदर्शिता के लिए शिक्षकों को 25 उत्तर पुस्तिकाओं से अधिक नहीं दी जाएंगी। इनको जांचने के लिए शिक्षक को आठ घंटे दिए जाएंगे। इस बार एक शिक्षक को 25 का बंडल मिलेगा। इससे पहले 100 उत्तर पुस्तिकाओं के सेट को चार शिक्षकों के पैनल में दिया जाता था, लेकिन इस पर प्रति शिक्षक को पहले से ही तय करते हुए 25 उत्तर पुस्तिकाएं दी जाएंगी।