सेक्स व रोमांस समस्याओं पर खुलकर बात करना है बेहद जरुरी

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आमतौर पर पति-पत्नी सेक्स और रोमांस समस्याओं के बारे में बात करने से कतराते हैं। नतीजा ये होता है कि आपस की दूरियां दिन-पर-दिन और बढ़ती जाती हैं। वहीं कई बार महिलाएं इन विषयों पर पहल करने में संकोच करती हैं। उन्हें सेक्स या फिर पति के साथ अपने संबंधों पर खुलकर बात करना सही नहीं लगता। ऐसे में कई बार परेशानियां कम होने की बजाए बढ़ जाती हैं और यही रिश्तों में दूरियों का कारण बनती हैं।

सेक्स व रोमांस समस्याओं पर खुलकर बात करना है बेहद जरुरी

रोमांस का अर्थ जीवन के वे रोमांचक क्षण होते हैं जो ना सिर्फ पति-पत्नी मिलकर बिताते हैं बल्कि उनका पूरा आनंद भी उठाते हैं, लेकिन ऐसा कई बार होता है कि कई कपल्स इन बातों को सही नहीं मानते। यानि कि उन्हें इन विषयों पर खुलकर बातें करना पसंद नहीं होता।

ऐसी स्थिति में पुरूषों को चाहिए कि उनका व्यवहार ऐसा हो कि उनकी पत्नी बिना संकोच के उनसे हर बात शेयर कर सके। इसके लिए ज़रूरी है कुछ बातों  पर गौर करने की, जो आज हम आपको बताने जा रहे हैं।

पुरुष भी करते हैं संकोच

महिलाओं की ही तरह पुरुष भी कई बार इन बातों को खुलकर सांझा करने से कतराते हैं। ऐसे में समस्या बढ़ने की आशंका बराबर बनी रहती है, इसलिए अपने जीवनसाथी से अपनी हर समस्या ज़रूर शेयर करें। अगर आप अपने पार्टनर से सारी बातें शेयर करते हैं तो आप अपने प्रेम सम्बन्ध को लेकर भी उनसे आसानी से बात कर सकेंगे।

समझ के साथ अपनापन दें

अगर आपका पार्टनर आपसे कुछ बात करना चाहता है लेकिन किसी उलझन वश ऐसा नहीं कर पा रहा है तो ये आपका फर्ज़ बनता है कि आप उनकी मनोदशा को समझने का प्रयास करें और उन्हें खुलकर अपनी बात कहने के लिए सहज माहौल दें।

आपके बीच बढ़ती दूरियां सिर्फ और सिर्फ आपके बीच पनपे प्यार से ही दूर हो सकती है। इसके लिए ज़रूरी है कि आप उन्हें यह दिलासा दिलाएं कि आप हरदम उनके साथ हैं और कोई भी परेशानी है तो वह आपसे आराम से शेयर कर सकते हैं।

सामान्य बातचीत के बाद बताएं समस्या

अगर आप अपने साथी को अपनी किसी रोमांस समस्या से रूबरू करवाने जा रहे हैं तो आप उसे सीधे-सपाट शब्दों में न कहें बल्कि उसके लिए थोड़ा समय लें। पहले एक सहज स्थिति बनाएं फिर अपने पार्टनर से इस विषय पर बात करें। सामान्य बातचीत के बाद ही अपनी समस्या उनके साथ सांझा करें।

बनाएं रखें सामंजस्य

पति-पत्नी के बीच प्यार तभी बरकरार रह सकता है जब आपसी सामंजस्य हो और दोनों के बीच खुलापन हो। पति-पत्नी में से कोई भी बात बताते समय अपने मन में किसी तरह का डर या शंका ना आने दे, तभी रिश्तों की इस खाई को कम किया जा सकता है।