स्टेप बाई स्टेप स्कूल मामले में हुआ बड़ा खुलासा, सामने आई बच्चों की तबियत बिगड़ने की असल वजह

स्टेप बाई स्टेप स्कूल में बच्चों की तबियत खाना खाने से नहीं, बल्कि लस्सी पीने से बिगड़ी थी। बच्चों को सुबह 7:30 बजे नाश्ते में लस्सी दी गई थी।स्टेप बाई स्टेप स्कूल मामले में हुआ बड़ा खुलासा, सामने आई बच्चों की तबियत बिगड़ने की असल वजह

7:45 बजे स्कूल प्रबंधन की ओर से मैक्स अस्पताल के कॉल सेंटर पर बच्चों की तबियत खराब होने की सूचना दी गई। बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी अनुराग भार्गव के स्कूल पहुंचने पर ये बातें सामने आई हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जिस दूध का दही जमाया गया था, वह एक दिन पुराना था। हालांकि, जांच करने गई टीम को न तो दूध मिला और न ही लस्सी मिली।

सुबह का नाश्ता व भोजन तक साफ किया जा चुका था। बुधवार दोपहर एक बजे मुख्य चिकित्सा अधिकारी की टीम सेक्टर-132 स्थित स्टेप बाई स्टेप स्कूल पहुंची।

स्कूल की मेस बंद थी

उन्होंने बताया कि स्कूल की मेस बंद थी जहां बच्चों को खाना दिया जाता है। इस समय बच्चे घर से टिफिन लेकर आ रहे हैं। अब हमें खाद्य विभाग की रिपोर्ट आने का इंतजार है।

सबूत मिटाने की जांच पुलिस व बाकी विभाग कर रहे हैं। नियम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि हमारा मुख्य उद्देश्य दो बिंदुओं पर है। पहला ऐसी घटना दोबारा यहां और जनपद के किसी भी स्कूल में न हो। इसके लिए सभी स्कूलों में जांच की जा रही है।अभियान चलाकर सैंपल लिए जा रहे हैं। दूसरा सभी स्कूलों को गाइड लाइन जारी की जा रही है जिसमें यह लिखा जाएगा कि यदि इस तरह का कोई भी घटना होती है तो कानूनी रूप से स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। स्वास्थ्य विभाग खुद स्कूल प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएगा।

घटना के पांच दिन बाद पानी के सैंपल क्यों?

अभिभावकों को शक है कि पानी पीने से बच्चों की तबियत खराब हुई हैं। पांच दिन बाद स्वास्थ्य विभाग पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजने का मन बना रहा है।

वहीं, पानी की शिकायत के बाद प्रबंधन द्वारा स्कूल में लगे सभी फिल्टरों को बदल दिया गया है। जाहिर है यह सैंपल सिर्फ खाना पूर्ति के लिए जा रहे हैं।इधर, पुलिस विभाग द्वारा मामले में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। बताया जा रहा है कि स्कूल प्रबंधन ने बीमार बच्चों के अभिभावकों पर दबाव बनाया है जिसका सीधा असर जांच पर पड़ रहा है।