स्वतंत्रता दिवस: लालकिले पर पीएम मोदी के भाषण में इस बार के इन मुद्दों पर हो सकता है फोकस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए 71वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से बुधवार को दिए जाना वाला भाषण बहुत अहम होगा. 2019 लोकसभा चुनाव से पहले ये उनका अंतिम स्वतंत्रता दिवस भाषण होगा. ऐसे में पूरी संभावना है कि इस बार पीएम मोदी भाषण में अपनी सरकार के रिपोर्ट कार्ड का हवाला देते हुए उपलब्धियों को गिनाएंगे और कुछ नए वादे करेंगे.

प्रधानमंत्री के नाते मोदी का ये पांचवां स्वतंत्रता दिवस भाषण होगा. इंडिया टुडे फैक्ट चेक टीम ने प्रधानमंत्री मोदी के पिछले चार साल के स्वतंत्रता दिवस भाषणों का विश्लेषण किया कि वो किन मुद्दों पर लगातार बात करते रहे हैं और इस साल उनके भाषण से क्या उम्मीदें की जा सकती हैं.

मौद्रिक योजनाएं और देश की आर्थिक स्थिति

GST- गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) के बीते साल लागू होने के एक महीने के भीतर ही पीएम मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में सहकारी संघवाद (Cooperative federalism) को वास्तविकता बताया था. सफलतापूर्वक GST की मिसाल दुनिया के सामने है. इस साल मोदी आंकड़ों के साथ GST की कामयाबी को गिना सकते हैं.

जनधन योजना  

2014 में पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस भाषण में जीरो बैलेंस वाले बचत खाते से जुड़ी जनधन योजना को लॉन्च किया था. जन-जन के लिए शुरू की गईं मौद्रिक योजनाओं का जिक्र वो अपने भाषणों में करते रहे हैं. 2015 में लालकिले से भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने जनधन योजना की कामयाबी और सब्सिडी को सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की सुविधा का उल्लेख किया था. 2016 के भाषण में मोदी ने उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली और बिना जमानत ऋण की सुविधा वाली मुद्रा योजना की सफलता का जिक्र किया. 2017 के भाषण में मोदी ने बताया कि उनकी सरकार ने कैसे मध्यम वर्ग की आवासीय जरूरतों के लिए कम ब्याज दर सुनिश्चित की.

मोदी बुधवार को अपने भाषण में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की ओर से भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर अनुमान का जिक्र कर सकते हैं. कैसे 2019 में भारत की जीडीपी की विकास दर चीन से अधिक रहने का अनुमान है.

रोजगार  

8 अप्रैल 2015 को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY)  को लॉन्च किया गया था. 2017 के अपने भाषण में पीएम मोदी ने कहा था कि रोजगार सृजन के लिए 8 करोड़ लोगों को ऋण दिए गए. इस साल वो वास्तव में कितना रोजगार सृजन हुआ और आगे क्या अनुमान है, इस का जिक्र अपने भाषण में कर सकते हैं.   

भ्रष्टाचार और काला धन

पीएम मोदी ने 2014 में अपने पहले स्वतंत्रता दिवस भाषण में काले धन का उल्लेख नहीं किया था लेकिन वो काले धन और भ्रष्टाचार से निपटने के लिए सरकार की कोशिशों का अक्सर जिक्र करते रहते हैं. 2015 में उन्होंने विदेश में जमा काले धन से निपटने के लिए एसआईटी बनाने की बात कही थी. 2017 में इसी मुद्दे पर विस्तार से उल्लेख करने के साथ उन्होंने नोटबंदी का विषय भी उठाया था. पीएम मोदी ने बेनामी संपत्ति और फर्जी शैल कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई को भी अपनी सरकार की अहम उपलब्धि बताया था.

पीएम मोदी इस साल के भाषण में आयकर संग्रह के आंकड़ों को गिना सकते हैं कि किस तरह उनकी सरकार घरेलू काले धन पर काबू रखने में सफल रही है. विदेशी बैंकों में जमा काले धन पर वो हाल की मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला दे सकते हैं जिनमें कहा गया है कि भारत से जमा होने वाले काले धन में कमी आई है.

बैंक कर्ज डिफॉल्टर्स  

प्रधानमंत्री मोदी इस साल के भाषण में बैंक कर्ज हड़पने वालों के बारे में बात कर सकते हैं कि सरकार किस तरह इन डिफॉल्टर्स से डील कर रही है. (विजय माल्या, नीरव मोदी, मेहुल चोकसी जैसे डिफॉल्टर्स जो देश से भाग गए हैं.)

सुशासन, बुनियादी ढांचे का विकास और सरकारी योजनाओं पर अमल

ये मुद्दा भी प्रधानमंत्री के भाषण में प्रमुखता से उठाया जा सकता है. 2015 में 18,500 गांवों में 1000 दिन में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था. अपने पिछले दो भाषणों में पीएम मोदी ने बुनियादी ढांचे के विकास से संबंधित उपलब्धियों को खूब गिनाया था.

2016 में उन्होंने बताया था कि किस तरह ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से सड़कों का निर्माण किया जा रहा है. साथ ही ये भी दावा किया था कि पिछली सरकारों की तुलना में उनकी सरकार ने कितनी तेजी से रेलवे लाइन्स बिछाने पर काम किया. मोदी ने ये भी कहा था कि 60 साल में 14 करोड़ लोगों को रसोई गैस कनेक्शन दिए जा सके थे जबकि उनकी सरकार ने 60 हफ्ते में 4 करोड़ कनेक्शन बांटे.

सड़क, राजमार्ग और रेलवे

2017 में स्वतंत्रता दिवस भाषण में पीएम मोदी ने दावा किया था कि उनकी सरकार पिछली सरकार की तुलना मे दुगनी रफ्तार से राजमार्गों और रेलवे ट्रैक का निर्माण कर रही है. ये मोदी का पसंदीदा विषय है और इसकी गूंज बुधवार को भी उनके भाषण में सुनाई दे सकती है.

विद्युतीकरण और LED बल्ब

पीएम मोदी 2016 से 18,500 गांवों के विद्युतीकरण के लक्ष्य का जिक्र अपने भाषणों में करते रहे हैं. सरकार ने इस लक्ष्य को पूरा कर लिया है इसलिए इस उपलब्धि जिक्र भी बुधवार को उनके भाषण में हो सकता है.

जहांतक LED लाइट का सवाल है तो पीएम मोदी ने 2016 में 13 करोड़ LED बांटे जाने की बात कही थी. साथ ही उन्होंने कहा था कि हमने 77 करोड़ बल्ब बांटने का फैसला किया है. जब ये बांट दिए जाएंगे तो 20 हजार मेगावाट बिजली की बचत की जा सकेगी जिससे 1.25 लाख करोड़ रुपये बचाए जा सकेंगे. इस संबंध में पीएम मोदी बुधवार को ताजा आंकड़ों का हवाला दे सकते हैं.  

आधार कार्ड

2016 में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि पिछली सरकार ने सिर्फ 4 करोड़ लोगों के  आधार कार्ड को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा था. आधार को मोदी सरकार हमेशा सकारात्मक उपलब्धि के तौर पर मानती रही है, इसलिए बुधवार को पीएम मोदी के भाषण में इसका जिक्र भी हो सकता है.  

किसान

कृषि सेक्टर हमेशा पीएम मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषणों में प्रमुखता से जगह पाता रहा है. 2016 में मोदी ने फसल बीमा योजना का जिक्र किया था. इसी साल उन्होंने गन्ना किसानों के भुगतान के मुद्दे का भी उल्लेख किया था. 2017 में मोदी ने फसल बीमा योजना की सफलता को गिनाने के साथ नौ करोड़ किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड दिए जाने का भी जिक्र किया. साथ ही 2022 तक किसानों की आय दुगनी होने की उम्मीद जताई थी.

जन स्वास्थ्य  

पीएम मोदी ने 2014 में फिटनेस के लिए लिए योग की महत्ता का बखान किया था. 2015 में उन्होंने 2022 तक स्वस्थ भारत बनाने के लिए विजन 2022 पेश किया था. 2016 में उन्होंने गरीबों के लिए एक लाख रुपए प्रति व्यक्ति स्वास्थ्य बीमा योजना का ऐलान किया था. 2017 में उन्होंने सुगम और ग्राह्य स्वास्थ्य सुरक्षा का जिक्र किया. पीएम मोदी ने जनऔषधि केंद्रों की बात की. कम दामों पर दवाओं की उपलब्धता और हृदय रोगियों के स्टेंट की कीमतों को तर्कसंगत बनाने का जिक्र किया. बुधवार को अपने भाषण में पीएम मोदी आयुष्मान भारत के नाम से राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन का उल्लेख कर सकते हैं कि किस तरह ये गरीब परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा कवच का काम करेगा.    

स्वच्छ भारत मिशन

प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 के भाषण में महत्वाकांक्षी स्वच्छ भारत मिशन का आगाज किया था. तब उन्होंने गांवों को खुले में शौच से पूरी तरह मुक्त कराने की बात कही थी. 2015 में उन्होंने स्कूलों में 4.15 लाख टॉयलेट बनने का एलान किया. 2016 में पीएम मोदी ने दावा किया कि स्कूलों में 2 करोड़  टॉयलेट बना दिए गए और 70,000 गांवों को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया गया. 2017 में पीएम मोदी ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन की सफलता से गरीबों के स्वास्थ्य पर होने वाले खर्च में कमी लाने में सफलता मिलेगी. उन्होंने 2022 तक स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्य को हासिल करने की उम्मीद भी जताई.     

सामाजिक न्याय और असहिष्णुता

2016 में पीएम मोदी ने भाषण के आखिरी हिस्से में साम्प्रदायिक सौहार्द और एकता के मुद्दे पर बात की थी. 2017 में भाषण के शुरू में ही उन्होंने इसका जिक्र किया. मॉब लिंचिंग की अनेक घटनाओं को देखते हुए पीएम मोदी इस मुद्दे को बुधवार के भाषण में प्रमुखता से उठा सकते हैं.  

प्रधानमंत्री मोदी के इस बार स्वतंत्रता दिवस भाषण में जम्मू और कश्मीर, आतंकवाद, नक्सली समस्या, महिलाओं विशेष तौर मुस्लिम महिलाओं के सशक्तिकरण, सशस्त्र सेनाओं के आधुनिकीकरण और पाकिस्तान में सत्ता परिवर्तन जैसे मुद्दों का भी जिक्र हो सकता है.