हजार रुपये में बिकीं 1 लाख रुपये वाली गाय, 119 साल से चल रहा मिलिट्री फार्म बंद

- in फीचर्ड, लखनऊ


लखनऊ : सभी 39 मिलिट्री डेयरी फार्म बंद करने के फैसले के बाद अब इन्हें खाली करवाने का प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसी के तहत कैंट में दिलकुशा कोठी के पास मौजूद मिलिट्री फार्म की गायें उत्तराखंड भेजी जा रही हैं। फार्म खाली करने के लिए सेना ने औसतन एक लाख रुपये कीमत वाली फ्रिसवाल गायें सिर्फ एक हजार रुपये में बेचने का फैसला किया है। फार्म की सभी 1100 गायें 1000 रुपये के हिसाब से उत्तराखंड सरकार को बेची गई हैं। अभी तक करीब 900 गायें भेजी जा चुकी हैं, जबकि 200 गायें अब भी फार्म में हैं। सेना अधिकारियों की मानें तो उत्तराखंड सरकार अब इन गायों को किसानों को इतनी ही कीमत में बेचेगी। सेना ने जवानों को बढ़िया क्वॉलिटी का दूध देने के लिए साल 1889 में देश भर में 39 फार्म खोले थे। इनमें सिर्फ फ्रिसवाल नस्ल की गायें रखी गई थीं।

फार्म में इनका दूध पैक कर जवानों को सप्लाई किया जाता था, लेकिन पिछले साल अगस्त में रक्षा मंत्रालय ने इन फार्म को बंद करने का फैसला किया था। इसी फैसले के तहत सेना ने अब सभी फार्म खाली करने शुरू कर दिए हैं। इसके साथ फार्म में तैनात जवानों व अन्य कर्मचारियों को भी दूसरे विभागों में समायोजित करने की तैयारी शुरू कर दी है। साल 1899 से दिलकुशा कोठी के पास चल रहे मिलिट्री फार्म हाउस में रोजाना करीब 6000 लीटर का उत्पादन होता था। गायों की देखरेख और दूसरे कामों के लिए जवानों के साथ कान्ट्रैक्ट पर करीब 220 कर्मचारी और लगाए गए थे। यहां रखी गई फ्रिसवाल गाय अपने लैटेक्शन पीरियड में 3600 से 7000 लीटर तक दूध देती है।

मिलिट्री फार्म बंद होने के बाद सेना जवानों को पैकेट वाला दूध मुहैया करवाएगी, हांलाकि दूध सप्लाई के लिए किसके साथ करार हुआ है, इसका पता नहीं चला है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस पर फैसला लिया जाएगा। सेना के मध्य कमान के पीआरओ गार्गी मलिक सिन्हा ने कहा, मिलिट्री फार्म बंद करने का फैसला पहले ही लिया गया था। उत्तराखंड सरकार के साथ करार के तहत 1000 रुपये में गाय बेची जा रही हैं। इसके बाद सरकार किसानों को ये गायें न्यूनतम कीमत में मुहैया करवाएगी।