ट्रंप से मिलकर बोले पुतिन, रूस ने कभी अमेरिकी चुनावों में नहीं किया हस्तक्षेप

पहला शिखर सम्मेलन में पुतिन से मुलाकात शुरू होने से पहले ट्रंप ने ‘असाधारण’ संबंधों के बारे में उम्मीद जताई है. अमेरिकी और चीन के बीच विवादों से खड़े हुए ट्रेड वॉर के बीच यह मुलाकात बेहद अहम मानी जा रही है और वैश्विक मामलों के जानकारों का दावा है कि इस मुलाकात के परिणाम का असर दुनिया के कई क्षेत्रों पर पड़ने का आसार है.

पुतिन के साथ मुलाकात को लेकर पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा यह बहुत अच्छी शुरुआत रही. दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने बंद कमरे में मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान कमरे में इन दोनों के अलावा ट्रांसलेटर ही मौजूद था. वहीं रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि रूस ने कभी भी अमेरिकी चुनावों में हस्तक्षेप नहीं किया.

दोनों राष्ट्रपतियों के बीच ये मुलाकात फिनलैंड की राजधानी हेलसिंकी में स्थित राष्ट्रपति भवन में हुई. रूसी मीडिया ने पुतिन के साथ बैठक से पहले ट्रंप की तारीफ करते हुए कहा है कि इस कवायद से दोनों देश एक दूसरे के नजदीक आएंगे और एक साथ काम कर सकेंगे.

दोनों नेताओं की मुलाकात की पूरी गोपनियता रखी गई. व्हाइट हाउस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक दोनों देश हेलसिंकि में राष्ट्रपति भवन में वन टू वन वार्ता कर रहे हैं और कमरे में उनके अलावा सिर्फ उनके सरकार के ट्रांसलेटर ही मौजूद रहे.

ट्रंप की फुटबाल डिप्लोमैसी

इस वन टू वन मुलाकात से पहले मीडिया के सामने आए दोनों नेताओं में ट्रंप ने पुतिन को फुटबाल विश्वकप के सफल आयोजन के लिए बधाई दी. ट्रंप ने कहा कि रूस में आयोजित यह विश्वकप अब तक का सर्वश्रेठ आयोजन रहा.

ट्रंप ने मीडिया से इस मुलाकात के दौरान कहा कि वह राष्ट्रपति ट्रंप से दुनिया भर के कई अहम मुद्दों पर वार्ता करने जा रहे हैं. ट्रंप के मुताबिक वह ट्रेड से लेकर सैन्य क्षमता और मिसाइल से लेकर चीन जैसे विषयों पर पुतिन से वार्ता करेंगे. ट्रंप ने इस दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को अमेरिका और रूस का मित्र कहते हुए संबोधित किया.

ट्रंप ने दावा किया कि इस मुलाकात से पहले वह पूरी तरह से आश्वस्त हैं कि पूरी दुनिया अमेरिका और रूस को एक साथ देखना चाहता है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और रूस के पास दुनिया का 90 फीसदी न्यूक्लियर हथियार है और यह अच्छी बात है बल्कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण तथ्य है. लिहाजा, ट्रंप ने संकेत दिया कि पुतिन के साथ मुलाकात में वह इस विषय में कुछ अहम फैसला करने की कोशिश करेंगे.

हालांकि मुलाकात शुरू होने से पहले मीडिया से चर्चा में ट्रंप ने अमेरिकी चुनाव में रूस की दख्लंदाजी और सीरिया, नॉर्थ कोरिया और यूक्रेन के मुद्दे पर रूस के पक्ष में कुछ नहीं कहा. इससे साफ है कि इस मुलाकात से पहले ट्रंप ने पूरी सावधानी बरती है जिससे दोनों नेताओं के बीच वार्ता से पहले किसी तरह का विवाद न होने पाए.