उत्तराखंडराज्य

उच्च हिमालय के बुग्यालों में शिकारी लगा रहे हैं आग

पिथौरागढ़: उच्च हिमालय में चीन सीमा से सटे बुग्यालों (उच्च हिमालय में घास के मैदान) में आग धधक रही है। मामले का पता तब चला जब भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आइटीबीपी) के बरेली रेंज के डीआइजी एपीएस निंबाडिया ने इलाके का हवाई जायजा लिया। डीआइजी अग्रिम चौकियों के निरीक्षण पर थे। उन्होंने तत्काल वन विभाग को सूचना दी। आशंका जताई जा रही है कि यह शिकारियों की करतूत हो सकती है।उच्च हिमालय के बुग्यालों में शिकारी लगा रहे हैं आग

गौरतलब है कि इन दिनों इस इलाके में सिर्फ आइटीबीपी, सेना व ग्रिफ के जवान ही रहते हैं। गांवों की आबादी शीतकाल में पिथौरागढ़ की धारचूला घाटी में आ जाती है। पिथौरागढ़ के प्रभागीय वनाधिकारी विनय भार्गव ने बताया कि आइटीबीपी ने सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी को क्षेत्र में टीम के साथ जाने के आदेश दे दिए गए हैं। आग के कारणों का पता लगाया जाएगा। 

भारत तिब्बत सीमा पुलिस के बरेली रेंज के डीआइजी एपीएस निंबाडिया हेलीकॉप्टर से चीन सीमा की अग्रिम चौकियों का मुआयना कर रहे थे। उन्होंने कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर करीब दस हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित बुग्याल से आग की लपटें और धुआं उठते हुए देखा। इसके बाद आइटीबीपी के जवानों को आग पर काबू पाने के लिए भेजा गया। आइटीबीपी के अनुसार मानसरोवर यात्रा मार्ग पर उच्च हिमालय के प्रवेश द्वार छियालेख से लेकर गब्र्यांग तक आग धधक रही है। गर्बयांग और गूंजी चौकी के जवान आग बुझाने में जुटे हैं। 

वन्यजीवों ने उच्च हिमालय के बुग्यालों में ली शरण

उच्च हिमालयी क्षेत्र में इस बार कम हिमपात हुआ है। ऐसे में बड़ी संख्या में वन्यजीव बुग्यालों में विचरण कर रहे हैं। अन्यथा सर्दियों में ये कम ऊंचाई वाले इलाकों में आ जाते हैं। शिकारियों के निशाने पर रहने वाले कस्तूरा मृग बड़ी संख्या में बुग्यालों में देखे गए हैं। 

आसपास के गांव तो खाली हैं। इस क्षेत्र में वनस्पति के नाम पर भोज पत्र सहित अन्य जड़ी बूटियां पाई जाती हैं। उधर मुनस्यारी के भी उच्च मध्य हिमालयी क्षेत्र के जंगलों से धुंआ उठ रहा है।

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