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गूगल ने माइकल डर्टोजस को किया याद, समर्पित किया डूडल

वैज्ञानिक माइकल डर्टोजस (Michael Dertouzos) के जन्मदिन पर गूगल ने डूडल (Google Doodle) बनाया है।माइकल डर्टोजस ग्रीक प्रोफेसर और कम्प्यूटर वैज्ञानिक थे. माइकल ने कंप्यूटर टेक्नॉलजी खासकर इंटरनेट के क्षेत्र में बड़ा काम किया।आज अगर हम इंटरनेट और पर्सनल कंप्यूटर का इस्तेमाल कर रहे हैं तो इसका श्रेय माइकल डर्टोजस को जाता है। गूगल ने उनको आज डूडल बनाकर सम्मान दिया है।

  • गूगल के डूडल में आज महान कंप्यूटर साइंटिस्ट माइकल डर्टोजस हैं।
  • उन्होंने कंप्यूटर को आम लोगों के इस्तेमाल की चीज बनाने पर काम किया।
  • अमेरिका की एमआईटी यूनिवर्सिटी में वह फैकल्टी के तौर पर शामिल हुए थे।
  • इंटरनेट के मैदान में भी उनका बड़ा योगदान है।

नई दिल्ली: गूगल ने आज अपना डूडल ग्रीक प्रफेसर स्वर्गीय माइकल डर्टोजस को समर्पित किया है। आज उनका 82वां जन्मदिन है। डूडल में कंप्यूटर साइंस के मैदान में उनके द्वारा किए गए काम को दिखाया गया है। साथ ही उनको पढ़ाते हुए भी दिखाया गया है। उनके हाथ में चॉक है और पीछे ग्रीनबोर्ड है। उनका जन्म 5 नवंबर, 1936 को ग्रीक के एथेंस में हुआ था और निधन 27 अगस्त, 2001 को संयुक्त राज्य अमेरिका के बॉस्टन में हुआ था।

डर्टोजस एक कंप्यूटर साइंटिस्ट थे जिन्होंने कंप्यूटर टेक्नॉलजी खासकर इंटरनेट के मैदान में उन्होंने बड़ा काम किया। उन्होंने उस वक्त ही कहा था कि इंटरनेट लोगों की जिंदगी में अहम भूमिका निभाएगा। टेक्नॉलजी के बारे में उन्होंने कहा था, ‘हमने करीब 300 साल पहले उस वक्त गलती की थी जब टेक्नॉलजी और मानवतावाद को अलग किया गया था। अब समय आ गया है कि दोनों को साथ लाया जाए।’ डर्टोजस ने टेक्नॉलजी को आम लोगों के इस्तेमाल की चीज बनाने पर अपना ध्यान केंद्रित किया।  इस दिशा में उन्होंने पर्सनल कंप्यूटर के इस्तेमाल और उसकी संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर काम किया।

वह 1974 से 2001 तक लैबरेटरी फॉर कंप्यूटर साइंस (एलसीएस) के साथ डायरेक्टर रहे। उस दौरान उन्होंने RSA encryption, the spreadsheet, the NuBus, the X Window System, और इंटरनेट पर काम किया। एथेंस कॉलेज से ग्रैजुएशन के बाद उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ अरकनसास में फुलब्राइट स्कॉलरशिप की थी और मैसाचूसट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी (एमआईटी) से पीएचडी की थी। उन्होंने 1964 में एमआईटी, यूएस को फैकल्टी के तौर पर जॉइन किया था। वहां अपने निधन के समय यानी 2001 तक रहे।

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