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पाकिस्तान सीमा के पास वायुसेना ने दिखाई ताकत, दो घंटे तक गरजे 137 लड़ाकू विमान

पाकिस्तान की नापाक हरकतों के बीच भारतीय वायुसेना ने अपना दम दिखाया है. वायुसेना के सबसे बड़े युद्धाभ्यास ‘वायु शक्ति’ में पाकिस्तान सीमा के निकट पोखरण रेंज पर अपनी ताकत दिखाई. इस युद्धाभ्यास में वायुसेना के पायलटों ने लड़ाकू विमानों से दुश्मन के ठिकानों को बर्बाद करने का प्रदर्शन किया. अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब वायु सेना के इस प्रदर्शन से पाकिस्तान की धरती भी थर्रा गई होगी.

वायुसेना के 137 लड़ाकू विमान टारगेट को ध्वस्त करते नजर आए. युद्धाभ्यास में आकाश अस्त्र मिसाइलों के साथ जीपीएस और लेजर गाइडेड बम, राकेट लांचर का इस्तेमाल हुआ. युद्धाभ्यास में मिग-21 बाइसन, मिग-27, मिग-29 मिराज-2000, सुखोई-30 एमकेआई, जगुआर जैसे विमान शामिल थे. इस दौरान भारतीय वायु सेना प्रमुख बीएस धनोआ और सचिन तेंदुलकर मौजूद रहे. बीएस धनोआ ने कहा कि हम किसी भी ऑपरेशन के लिए तैयार हैं.

सिक्योरिंग द नेशन इन पीस एंड वॉर है थीम

हर तीन साल में होने वाले इस युद्धाभ्यास ‘वायु शक्ति’ की इस बार थीम ‘सिक्योरिंग द नेशन इन पीस एंड वॉर’ है. ‘वायु शक्ति’ में मिग -21 बाइसन, मिग -27 यूपीजी, मिग -29, जगुआर, एलसीए (तेजस), मिराज -2000, सु -30 एमकेआई, हॉक, सी -130 जे सुपर हरक्यूलिस, एन -32, एमआई -17 वी 5, एमआई -35 हमले के हेलीकाप्टरों, स्वदेशी रूप से विकसित AEW & C और उन्नत लाइट हेलीकाप्टर (ALH MK-IV) में अपनी क्षमता और ताकत का प्रदर्शन कर रहे हैं. इसके अलावा वायुसेना के गरुड़ बल, विशेष अभियानों को करने और दुश्मन के इलाके में स्थित एक लक्ष्य को नष्ट करके अपनी युद्ध क्षमता का प्रदर्शन करेंगे.

वायुसेना ने दिखाई अपनी ताकत

राजस्थान के जैसलमेर की चांधण फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय वायुसेना का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास ‘वायुशक्ति-2019’ शनिवार को आयोजित किया गया, जिसमें दो घण्टे तक वायुसेना के 137 लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर्स रियल टाइम टारगेट ध्वस्त करते नजर आए. युद्धाभ्यास में आकाश व अस्त्र मिसाइलों के साथ जीपीएस व लेजर गाइडेड बम, राकेट लांचर और हेलीकॉप्टर्स गनों का प्रयोग किया गया. प्रदर्शन के दौरान, फ्रंटलाइन लड़ाकू विमान, परिवहन विमान, हेलीकॉप्टर और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली ने अपनी ताकत दिखाई.

यह पहला ऐसा मौका होगा जब किसी युद्धाभ्यास के दौरान वायुसेना के किसी लड़ाकू विमान से अस्त्रा मिसाइल को छोड़ने का लाइव नजारा पेश किया जाएगा. अस्त्रा को किसी भी ऊंचाई और रेंज से दुश्मन के ठिकानों पर छोड़ा जा सकता है. कम दूरी में 20 किमी. तक और ज्यादा दूरी में 80 तक इसे शत्रु पर सीधे हमला करने में महारत हासिल है.

युद्धशक्ति के तहत पोकरण फायरिंग रेंज में इस युद्धाभ्यास में वायुसेना के 13 तरह के विमान और 7 तरह के हेलीकॉप्टर के अलावा मानव रहित विमान अपना कौशल प्रदर्शित कर रहे हैं. देश के विभिन्न एयर बेस से उड़ान भरकर लड़ाकू विमान दिन-रात अपने लक्ष्य पर सटीक निशाने लगा रहे हैं.

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