राजनीति

राजनीति का अपराधीकरण या अपराधियों का राजनीतिकरण, फैसला आपका…

कुछ ऐसे भी नेता हैं जिन पर दर्जनों धाराओं में दर्जनों की संख्या में मामले दर्ज हैं और वे अपराधी घोषित भी हो चुके हैं।

नई दिल्ली। राजनीति में इतनी बड़ी संख्या में अपराधी शामिल हो चुके हैं कि कई बार लोग इन दोनों को एक-दूसरे का प्रर्यायवाची बताने लगते हैं। शायद वे लोग कुछ हद तक ठीक भी हैं क्योंकि अगर हम उत्तर प्रदेश में हुए पिछले विधानसभा चुनाव (2012) में नेताओं द्वारा चुनाव आयोग में जमा किए कागजात पर नजर दौड़ाएं तो इस बात को बल मिलता है।

 

विधानसभा चुनाव 2012 में उत्तर प्रदेश के लोगों ने 403 नेताओं को विधायक चुना, जिनमें से कुल 189 यानी 47 फीसदी पर किसी न किसी तरह का आपराधिक मामला दर्ज था। सबसे ज्यादा चिंता की बात तो यह है कि 98 विधायक यानी विधानसभा में कुल 24 फीसद विधायकों पर गंभीर अपराध के मामले दर्ज थे। बता दें कि हत्या, बलात्कार, डकैती, अपहरण और फिरौती मांगने जैसे अपराध गंभीर अपराधों की श्रेणी में आते हैं।

राजनीतिक पार्टियों पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा 111 अपराधिक प्रवृत्ति के नेता समाजवादी पार्टी से चुने गए, जबकि उनमें से 56 पर गंभीर मामले दर्ज हैं। औसत के मामले में निर्दलियों ने बाजी मारी। 6 में से 5 विधायक अपराधिक रिकॉर्ड वाले, जबकि इनमें से 4 पर गंभीर मामले दर्ज हैं।

इनके अलावा कुछ ऐसे भी नेता हैं जिन पर दर्जनों धाराओं में दर्जनों की संख्या में मामले दर्ज हैं और वे अपराधी घोषित भी हो चुके हैं। ऐसे नेताओं में सबसे ऊपर सपा विधायक मित्रसेन का नाम आता है, जो बीकापुर से विधायक चुने गए। उन पर 36 मामले दर्ज हैं। सकलडीह से निर्दलीय विधायक सुशील सिंह पर कुल 20 मामले दर्ज हैं। जसराना से विधायक सपा नेता रामवीर सिंह भी इस लिस्ट में हैं और उन पर 18 केस दर्ज हैं।

अलीगंज से सपा विधायक रामेश्वर सिंह पर 27 मामले दर्ज हैं और वे भी इस लिस्ट में हैं। सिरसागंज से सपा विधायक हरि ओम पर कुल 16 संगीन मामले दर्ज हैं। ज्ञानपुर के सपा विधायक विजय कुमार पर कुल 25 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। कौमी एकता दल के मऊ विधायक मुख्तार अंसारी पर भी 15 संगीन मामले दर्ज हैं। लखनऊ सेंट्रल से विधानसभा पहुंचे सपा नेता रविदास मेहरोत्रा पर कुल 17 मामले दर्ज हैं। सपा के ही एक अन्य नेता और अमरोहा से विधायक मेहबूब अली पर 15 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। सिराथु से भाजपा विधायक पर कुल 9 संगीन मामले दर्ज हैं।

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