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वॉलमार्ट छोड़ रहा है भारत, अमेजन- Flipkart से 4 लाख प्रोडक्ट गायब

रिटेल सेक्टर में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के नए नियमों से देश की बड़ी ऑनलाइन कंपनियां हिल गई हैं. दरअसल, देशभर 1 फरवरी से एफडीआई के नए नियम लागू हो गए हैं. नए नियम की वजह से फ्लिपकार्ट और अमेजन जैसी कंपनियों की बिक्री पर असर पड़ रहा है, क्योंकि नए नियम के तहत इन कंपनियों को अपने तमाम प्रोडक्ट्स ऑनलाइन मार्केट से हटाने पड़े हैं, जिससे ग्राहकों की संख्या कम हुई है.
वॉलमार्ट छोड़ रहा है भारत, अमेजन- Flipkart से 4 लाख प्रोडक्ट गायब
वहीं, वॉल स्ट्रीट दिग्गज मॉर्गन स्टैनली ने आशंका जताई है कि अगर ऐसे ही हालात रहे तो जल्द ही वॉलमार्ट फ्लिपकार्ट से नाता तोड़ अपना कारोबार भारत में बंद कर देगा. कंपनी फ्लिपकार्ट को किसी दूसरे के हाथ में बेचकर भारतीय बाजार से बाहर निकल जाएगी. जैसा कि साल 2017 में अमजेन कंपनी ने चीन में अपना कारोबर बंद दिया था.

दरअसल नए एफडीआई कानून के लागू होने से विदेशी कंपनियों को कारोबार करने में मुश्किलें आ रही हैं. रिसर्च कंपनी मॉर्गन स्टेनली की मानें तो इस बारे में वॉलमार्ट जल्द एलान कर सकती है. वहीं फ्लिपकार्ट के प्रवक्ता का कहना है कि नई FDI पॉलिसी को लागू करने में सरकार ने जल्दबाजी दिखाई, जिससे हमें निराशा हुई है. लेकिन हम नए नियमों को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

पिछले साल ही डील पर लगी थी मुहर
बता दें, पिछले साल अगस्त महीने में ही खुदरा कारोबार क्षेत्र की दिग्गज अमेरिकी कंपनी वॉलमार्ट इंक ने भारत के फ्लिपकार्ट में 77 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी थी. जिसके बाद कंपनी का मालिकाना हक वॉलमार्ट के पास है.

सप्लाई चेन और एक्सक्लूसिव डील पर असर
मॉर्गन स्टैनली के मुताबिक नए नियमों के तहत फ्लिपकार्ट को अपने करीब 25 फीसदी प्रॉडक्ट्स को बाहर करना होगा. इसके साथ ही फ्लिपकार्ट और अमेजन के सप्लाई चेन और एक्सक्लूसिव डील पर भी असर पड़ा है. इन दोनों कंपनियों को इस तरह से 50 फीसदी की आमदनी होती थी. फ्लिपकार्ट की सबसे ज्यादा आमदनी मोबाइल सेल और इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स के जरिए होती थी.

वहीं अमेरिका की ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन का कहना है कि भारतीय बाजार में कारोबार के अच्छे अवसर हैं. लेकिन वह ऑनलाइन मार्केटप्लेस के लिए नई FDI नियमों का आंकलन कर रही है. कंपनी ने कहा कि उसके प्लेटफार्म पर ग्राहकों और विक्रेताओं को किसी तरह के अवांछित परिणामों का सामना नहीं करना पड़े इसलिए वह ऐसा कदम उठा रही है.

कई प्रोडक्ट्स वेबसाइट से आउट
एक फरवरी से नए नियम लागू होते ही अमेजन डॉट इन ने अपने ऑनलाइन मार्केटप्लेस से मोबाइल एसेसरीज और बैटरी समेत कई प्रोडक्ट्स को हटा दिया है. ग्रॉसरी उत्पादों की आपूर्ति करने वाली पैंट्री सेवा भी अब देश में अनुपलब्ध हो गई है. हालांकि अमेजन ने भारत में 5 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है. कंपनी ने कहा कि उसने अपने कारोबार का निर्माण मूल्य चयन और सुविधा के इर्दगिर्द किया है.

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वॉलमार्ट छोड़ेगा भारत? अमेजन- Flipkart से 4 लाख प्रोडक्ट गायब
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अमेजन की हालात पर नजर
अमेजन के मुख्य वित्त अधिकारी ब्रायन ओल्सावस्की ने निवेशक कॉल के जरिये कहा, ‘इस बात को लेकर अनिश्चितता बनी है कि नियमों में बदलाव का ई-कॉमर्स क्षेत्र पर क्या प्रभाव होगा. हम सभी कानूनों और नियमनों का अनुपालन करने को प्रतिबद्ध हैं, लेकिन हम स्थिति का आंकलन कर रहे हैं.’ वहीं पैंट्री की सुविधा का लाभ नहीं उठा पा रहे ग्राहकों के ट्वीट के जवाब में कंपनी ने कहा, ‘अमेजन पैंट्री की सेवा अभी भारत में अनुपलब्ध है. कृपया इस संबंध में आगे की जानकारी के लिये अमेजन डॉट इन से जुड़े रहें.’

गौरतलब है कि एक फरवरी से FDI के नए नियम लागू हो गए हैं, इनके तहत विदेशी निवेश वाली ई-कॉमर्स कंपनियों पर उन विक्रेताओं के उत्पादों की बिक्री की रोक है, जिनमें उनकी हिस्सेदारी है. संशोधित दिशानिर्देशों के अनुसार कोई वेंडर उसी मार्केटप्लेस की समूह की कंपनियों से 25 प्रतिशत से अधिक की खरीद नहीं कर सकता जहां से उसे उन उत्पादों की बिक्री करनी है.

बिक्री पर बुरा असर
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नई ई-कॉमर्स पॉलिसी के लागू होते ही दूसरे दिन ही फ्लिपकार्ट और अमेजन की ऑनलाइन मार्केटप्लेस से 4 लाख से अधिक प्रोडक्ट्स गायब हो गए थे. नई व्यवस्था से अमेजन पर सबसे ज्यादा मार पड़ी है. कंपनी की वेबसाइट पर घर का राशन, बच्चों के डायपर, आईफोन समेत तमाम प्रोडक्ट्स गायब हैं. फ्लिपकार्ट से भी कुछ इसी तरह सामान हटा लिए गए हैं.

महासेल अब नहीं!
वहीं अब अमेजन और फ्लिपकार्ट समेत विदेशी निवेश वाली कंपनियों पर किसी भी उत्पाद की एक्सक्लूसिव बिक्री नहीं हो सकेगी. दरअसल ये कंपनियां लगातार मोबाइल समेत तमाम प्रोडक्ट्स को एक्सक्लूसिव सेल के जरिये बेचती थीं. जिससे खुदरा व्यापारियों का बिजनेस लगभग ठप होने की स्थिति आ गई थी. जिसके बाद सरकार की ओर से ये कदम उठाया गया.

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