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सीरिया में सेना और रूस के हवाई हमले में 68 की मौत, 7 सालों से जारी है गृह युद्ध

सीरिया में दमिश्क के पास विद्रोहियों के कब्जे वाले शहर पर सेना और रूसी हवाई हमले में कम से कम 46 लोगों की मौत हो गई, जबकि उत्तरी सीरिया में कुर्द के कब्जा वाले शहर पर हमले में कम से कम 22 लोग मारे गए. कुल मिलाकर कम से कम 68 नागरिक मारे गए. सीरिया में सात वर्षों से गृह युद्ध छिड़ा हुआ है. जंग पर नजर रखने वाले संगठन ‘सीरियन ऑब्जरवेटरी फोर ह्यूमन राइट्स’ ने कहा है कि दमिश्क के पास विद्रोहियों के कब्जा वाले पूर्वी घौटा में सीरियाई और रूसी विमानों ने कफ्र बाटना में बमबारी की.सीरिया में सेना और रूस के हवाई हमले में 68 की मौत, 7 सालों से जारी है गृह युद्ध

कफ्र बाटना में डॉक्टरों ने बताया कि कई घायलों का इलाज किया जा रहा है. रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि 16 मार्च को करीब 5000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया और इससे पहले 10,000 लोगों को वहां से निकाला गया था.

इससे पहले सीरिया के उप विदेश मंत्री फैजल मेकदाद ने इस बात से इनकार किया था कि उनकी सरकार के पास रासायनिक हथियार या क्लोरीन गैस है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्रालय ने दमिश्क के पूर्वी गोता में विद्रोहियों के खिलाफ लड़ाई में क्लोरीन गैस का इस्तेमाल करने के हालिया आरोपों को 10 मार्च को खारिज करते हुए सरकार के रुख को दोहराया. उन्होंने कहा था, “हम क्लोरीन गैस सहित किसी भी रासायनिक हथियार की मौजूदगी से पूरी तरह इनकार करते हैं और हम किसी भी स्थिति में ऐसे हथियारों के इस्तेमाल की निंदा करते हैं. हमें लगता है कि दुनिया के किसी भी देश के पास सीरिया को धमकाने या उसके खिलाफ अपने हथियारों का इस्तेमाल करने के लिए कोई कारण नहीं है.”

मेकदाद ने रासायनिक हथियारों के उपयोग को लेकर अमेरिका और ब्रिटेन जैसी विदेशी शक्तियों द्वारा सीरिया के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने के खिलाफ चेतावनी दी थी. उन्होंने यह भी कहा था कि विद्रोहियों ने सीरियाई सरकार को झूठे आरोपों में फंसाने के लिए रासायनिक हमलों की साजिश रची है. उन्होंने साथ ही कहा कि खुफिया जानकारी मिली है कि विद्रोही पूर्वी गोता में एक नए रासायनिक हमले की योजना बना रहे हैं. मेकदाद के अनुसार, “हम सभी को किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई का जोखिम न उठाने की सलाह देते हैं क्योंकि जब हम दुनिया भर में शांति के लिए तत्पर हैं, ऐसे समय में अंतर्राष्ट्रीय परिदृष्य ऐसी आक्रामक स्थिति से निपटने में असमर्थ है.

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