1.5 लाख की बाइक न दिलाने पर बेटे ने लगा ली फँसी, माँ ने भी लगा ली आग

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चेन्नई: तमिलनाडु में एक बेटे ने आत्महत्या कर ली क्योंकि उसकी मां ने उसे मोटरसाइकल दिलाने से इनकार कर दिया था। बेटे के मरने की खबर मां बर्दाश्त नहीं कर सकी और उसका अंतिम सस्कार पूरा होने से पहले खुद को इस घटना का जिम्मेदार मानते हुए आग लगा ली। मामला कांचीपुरम के किझकोटियार गांव का है। पुलिस ने बताया कि इंद्राणी (45) के पति की कई साल पहले मौत हो गई थी। वह घरों में काम करती थीं। इंद्राणी के बेटे गोविंदराजन (16) ने उनसे 1.5 लाख रुपये की बाइक दिलाने को कहा। इंद्राणी ने कहा कि वह इतनी मंहगी बाइक उसे नहीं दिला सकती हैं। लड़के ने उनसे, उनकी सेविंग से बाइक दिलाने की जिद की। उन्होंने कहा कि सेविंग्स उसके और उसके भाई के भविष्य के लिए है। इतना ही नहीं इंद्राणी ने उससे यह भी कहा कि वह अभी छोटा है, इसलिए बाइक नहीं चला सकता। गोविंदराजन ने मां से इस बात को लेकर झगड़ा किया और नाराज हो गया। उसने मां से बात करनी बंद कर दी और खाना-पीना भी छोड़ दिया। इंद्राणी को लगा कि वह कुछ दिनों में सब भूलकर सामान्य हो जाएगा। वह अपने काम में लग गईं। इस दौरान उसने बेटे को मनाने का कई बार प्रयास किया लेकिन वह नहीं माना। रविवार को वह काम से घर लौटी तो गोविंदराजन कमरे में बंद था। उसने दरवाजा खुलवाने का काफी प्रयास किया लेकिन दरवाजा नहीं खुला। उसने दरवाजा के छेद से अंदर झांका तो गोविंदराजन की लाश पंखे से लटक रही थी। वह चीख पड़ीं। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर गोविंदराजन की लाश निकाली और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजी। पोस्टमॉर्टम के बाद इंद्राणी को उसके बेटे की लाश सौंप दी गई। मंगलवार को गोविंदराजन का अंतिम संस्कार किया जा रहा था। जब तक अंतिम संस्कार पूरा होता इंद्राणी घर आई और खुद को कमरे में बंद करके आग लगा ली। आग में झुलसने की वजह से मां की भी मौत हो गई।