100 साल बाद बन रहा है ये सौभाग्य, इन राशि वालों को शनिदेव कर देंगे मालामाल…

- in अद्धयात्म

मित्रों जैसा की आप सभी अवगत ही होगे कि मनुष्य के जीवन में गृहों की चाल का बहुत बड़ा महत्व माना गया है, इनकी चाल से सीधा हमारे सामान्य जीवन पर प्रभाव पड़ता है। कभी कोई गृह किसी राशि के लिए अपार खुशिया लेकर आता है तो कभी गम, इसी क्रम में इस बार के परिवर्तन में कुछ खास राशियों का लाभ होने वाला है, क्‍योंकि आज शनिवार के दिन विशेष संयोग बन रहा है। माना जा रहा है कि यह महासंयोग पूरे 100 वर्षो पश्‍चात बना है जिसमें कुछ राशियों पर शनि भगवान प्रसन्‍न हो रहे है अब होगी उन पर धन वर्षा।

आपको बता दें कि इसमें कोई दो रॉय नही है कि शनि देव सबसे क्रूर गृह है, साथ ही शनि देव को सर्वोच्‍च न्‍यायाधीश की उपाधि भी दी गई है, जिन्‍हे हम लोग भगवान शनि देव के नाम से भी जानते है, जो अनुचित कार्य करने वालों को समय आने पर दंण्‍ड देते है। हिन्दू धर्म में शनिदेव को न्याय का देवता माना जाता है, इनकी कृपा जिसके ऊपर भी हो जाती है उस इंसान को कोई भी परेशानी नहीं आ सकती। शनिवार के दिन शनि महाराज को दीपक जलाने का काफी महत्व होता है, ये दीपक तेल का होना चाहिए। इस बार के परिवर्तन में 3 राशियों की किस्‍मत का ताला खुलने वाला है।

{सिंह, कुंभ और तुला राशि पर शनि देव हो रहे प्रसन्‍न}

आपकी जानकारी के लिये बता दे कि इन राशि वालों पर शनि देव की कृपा से घर में धन की कोई कमी नहीं रहेगी, रुका हुआ पैसा आपको वापस मिल सकता है आर्थिक उन्नति के योग हैं और बेरोजगारों को सरकारी नौकरी की प्राप्ति हो सकती है मनचाही इच्छा के पूर्ण होने पर मन में उल्लास और आनंद भरा रहेगा घर परिवार में आनन्द और प्रसन्नता का माहौल रहेगा कारोबार में विस्तार होगा, मान सम्मान में वृद्धि होगी, घर परिवार में सुख शांति रहेगी इन राशि के जातकों के जीवन के सभी कार्य समय के दौरान जल्दी पूर्ण होंगे, साथ ही अगर आप किसी कार्य क्षेत्र में या फिर कोई नया कार्य आरंभ करना चाहते हैं,इस सप्ताह शुरू करना आपके लिए लाभकारी सिद्ध होगा, जीवन साथी से मत-भेद समाप्त हो जाएगा और आपके दांपत्य जीवन में खुशहाली आएगी,शनि देव की कृपा से आपके कार्यों में आ रही रुकावटें दूर हो जाएंगी,जीवन में आप कामयाबी हासिल करेंगे और सफलता के मार्ग पर आगे बढ़ते जाएंगे, परिवार के लोगों में प्रेम बढ़ेगा, पुराने किए गए निवेश से आपको धन लाभ का योग बन रहा है।