14 जुलाई को PM मोदी करेंगे पूर्वाचल एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास, अखिलेश बोले- मेरी फसल काट रही है सरकार

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में पूर्वाचल एक्सप्रेस-वे के शिलान्यास को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के बीच सियासत तेज हो गई है. अखिलेश यादव ने एक बयान जारी कर कहा है कि हमारी योजनाओं से ‘समाजवादी’ शब्द हटाकर राज्य की योगी सरकार हमारी खड़ी फसल काट रही है.

दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 जुलाई को आजमगढ़, पूर्वाचल एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करने पहुंच रहे हैं. जिसे लेकर सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने एक बयान जारी कर कहा है कि उनकी सरकार में ही 22 दिसंबर 2016 को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास हुआ था. लेकिन योगी सरकार ने इस परियोजना को न सिर्फ बार-बार लटकाया बल्की एक बार टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद टेक्निकल बिड के नाम पर इसे निरस्त भी किया.

अखिलेश यादव के इस बयान पर पलटवार करते हुए योगी सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने कहा है कि अखिलेश यादव को हर अच्छी योजनाओं का श्रेय लेने की आदत पड़ गई है. महाना ने कहा कि अखिलेश यादव जिस पूर्वाचल एक्सप्रेस-वे के शिलान्यास की बात कर रहे हैं, उसमें उनकी तैयारी आधी-अधूरी थी। उनके समय में जमीन के अधिग्रहण के बिना ही सिविल टेंडर जारी कर दिए गए थे, जबकि नियम यह है कि जब तक एक्सप्रेस-वे की 90 फीसदी जमीन का अधिग्रहण नहीं हो जाता है तब तक टेंडर जारी नही किए जाते हैं.

गौरतलब है कि हाल ही मे यूपी के नोएडा मे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सैमसंग के मोबाइल यूनिट के उद्घाटन के पहले भी अखिलेश यादव ने ट्वीट कर योगी सरकार को कैंचीवाली सरकार करार दिया था. जो या तो सामाजिक सौहार्द्र के धागे काट रही है या उनके द्वारा किए गए कामों के उद्घाटन के फीते.

प्रदेश में दुनिया का जो सबसे बड़ा मोबाइल फ़ोन उत्पादक प्लांट शुरू हो रहा है उसकी शुरुआत हमारी तरक़्क़ी की सोच ने 2016 में ही सैमसंग कम्पनी को हर अनुमति प्रदान करके की थी. ये ‘कैंचीवाली सरकार’ या तो कैंची से सामाजिक सौहार्द के धागे काट रही है या बस हमारे कामों के उद्घाटन के फ़ीते.

अखिलेश के इस बयान पर सतीश महाना ने सरकार की तरफ से स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि अखिलेश ने यह भी कहा है कि सैमसंग इंडिया ने उनके समय में हजारों करोड़ रुपये का निवेश किया, लेकिन यह पूरी तरह से गलत है. महाना ने कहा, सरकार बनने के बाद सैंमसंग के अधिकारियों और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुलाकात के बाद कैबिनेट के माध्यम से 4915 करोड़ के प्रोजेक्ट पर मुहर लगी. आज स्थिति यह है कि सैमसंग उत्तर प्रदेश में अपना निवेश बढ़ाने के लिए तैयार है.