देश में उत्साह से मनाया जा रहा हिंदी दिवस

नई दिल्ली : देश में हिंदी दिवस मनाया जा रहा है। अंग्रेजी के बढ़ते चलन और हिंदी भाषा की हो रही अनदेखी को देखते हुए देश में सबसे पहले 14 सितंबर, 1949 के दिन हिंदी को राजभाषा का दर्जा मिला था। इसके बाद से ही हर साल हिंदी दिवस को पूरे देश में मनाने का फैसला किया गया।

14 सितंबर, 1949 को राजभाषा का दर्जा मिलने के बाद 1953 से पूरे देश में हिंदी दिवस मनाया जाने लगा। हिंदी भाषा के प्रचार के लिए नागपुर में 10 जनवरी 1975 को विश्व हिंदी सम्मेलन रखा गया था। इस सम्मेलन में 30 देशों के 122 प्रतिनिधि शामिल हुए थे। हिंदी की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आज दुनिया में हिंदी चौथी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा बन चुकी है। दुनिया में हिंदी बोलने वालों की संख्या करीब 75-80 करोड़ है। भारत में करीब 77 प्रतिशत लोग हिंदी लिखते, पढ़ते, बोलते और समझते हैं। हिन्दी के प्रति दुनिया की बढ़ती चाहत का एक नमूना यही है कि आज विश्व के करीब 176 विश्वविद्यालयों में हिंदी एक विषय के तौर पर पढ़ाई जाती है। हिंदी के प्रति लोगों की बढ़ती रुचि को देखते हुए साल 2006 के बाद से ही दुनिया में 10 जनवरी को हिंदी दिवस मनाया जाने लगा। भारत के अलावा नेपाल, फिजी, सूरीनाम, यूगांडा, पाकिस्तान, बांग्लादेश, मॉरिशस, दक्षिण अफ्रीका और कनाडा जैसे तमाम देशों में हिंदी बोलने वालों की संख्या अच्छी-खासी है। इसके आलावा इंग्लैंड, अमेरिका, मध्य एशिया में भी इस भाषा को बोलने और समझने वाले अच्छे-खासे लोग हैं। हिंदी भाषा की बढ़ती महत्ता को इस बात से समझा जा सकता है कि ‘अच्छा’, ‘बड़ा दिन’, ‘बच्चा’, ‘सूर्य नमस्कार’ जैसे तमाम हिंदी शब्दों को आॅक्सफोर्ड डिक्शनरी में शामिल कर लिया गया है। फिजी एक ऐसा द्वीप देश है जहां हिंदी को आधिकारिक भाषा का दर्जा दिया गया है, जिसके चलते इन्हें फिजियन हिन्दी या फिजियन हिन्दुस्तानी भी बोला जाता है।

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