3700 करोड़ के घोटाले की आरोपी आयुषी मित्तल को लिया गया रिमांड पर, नहीं मिली बेल

- in दिल्ली

3700 करोड़ की धोखाधड़ी करने वाली एब्लेज इन्फो सोल्यूशन कंपनी की डायरेक्टर आयुषी मित्तल को बृहस्पतिवार को कड़ी सुरक्षा में गाजियाबाद में एसीजेएम-द्वितीय अभिषेक कुमार श्रीवास्तव की कोर्ट में पेश किया गया।3700 करोड़ के घोटाले की आरोपी आयुषी मित्तल को लिया गया रिमांड पर, नहीं मिली बेल

कोर्ट ने पुलिस को 14 दिन का रिमांड दे दिया है। आयुषी को डासना जेल भेज दिया गया है। एसआईटी, एसटीएफ और इंदिरापुरम पुलिस ने आयुषी को बीते सोमवार को पुणे से गिरफ्तार किया था।
 
गाजियाबाद में एब्लेज कंपनी के खिलाफ तीन एफआईआर दर्ज हैं। इनमें से एक इंदिरापुरम थाने में और दो कविनगर थाने में दर्ज हैं। इंदिरापुरम थाने में फरवरी 2017 में निधि कटियार नाम की महिला ने कंपनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
निधि ने कंपनी में 57500 रुपये निवेश किए थे। इनके अलावा कई अन्य शहरों में भी केस दर्ज हैं। मामले के मुख्य आरोपी अनुभव मित्तल की पत्नी और कंपनी की डायरेक्टर आयुषी मित्तल ने गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट से स्टे ले रखा था।
 
आयुषी पुणे के कोंडला स्थित साईं गंगा सोसायटी में मौसी के घर रह रही थी। बीते सोमवार को एसआईटी, एसटीएफ और इंदिरापुरम पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। बृहस्पतिवार को आयुषी को कोर्ट में पेश किया गया और पुलिस ने रिमांड की एप्लीकेशन दाखिल की।
 
इस पर आयुषी के अधिवक्ता पवित्र मोहन शर्मा ने पक्ष रखा। उन्होंने एसीजेएम की कोर्ट में कहा कि उच्च न्यायालय से आयुषी की गिरफ्तारी पर स्टे के आदेश नवंबर में ही जारी हो चुके हैं।
 
ऐसे में जब तक पुलिस चार्जशीट पेश नहीं करती, तब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकती। पुलिस की ओर से सरकारी अधिवक्ता ने पक्ष रखा। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुनाया और तीनों केस में 14 दिन की रिमांड के आदेश दे दिए हैं। आयुषी को कड़ी सुरक्षा में डासना जेल भेज दिया गया है।
आयुषी के अधिवक्ता पवित्र मोहन शर्मा का कहना है कि पुलिस ने हाईकोर्ट के आदेश को ओवरलुक करके आयुषी की गिरफ्तारी की है। गिरफ्तारी से पहले इंदिरापुरम पुलिस को कोर्ट के आदेश की कॉपी व्हाट्सएप और थाने जाकर मुहैया करा दी गई थी।

गिरफ्तारी के वक्त भी आयुषी ने कोर्ट के आदेश की जानकारी दी थी। बावजूद इसके गिरफ्तारी किए जाने पर हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन हुआ है। वह पुलिस के खिलाफ अवमानना का केस फाइल कर कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। आदेश का उल्लंघन करने वाले पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करेंगे।

परिजन भी रहे साथ
आयुषी को कोर्ट में पेश किए जाने के दौरान अनुभव मित्तल के दादा वेद प्रकाश अग्रवाल, भाई प्रियांशु मित्तल व मां समेत अन्य परिजन भी मौजूद रहे। आयुषी के जेल जाने की बात सुन उसकी सास व आयुषी की आंखों में आंसू आ गए।