60 साल पुरानी हिंदुओं की मांग हुई पूरी, हसीना ने दी मंदिर को करोड़ों की जमीन

बांग्लादेश की राजधानी ढाका का नामकरण करने वाली ढाकेश्वरी देवी के मंदिर की छह दशक पुरानी मांग को पूरा करते हुए प्रधानमंत्री शेख हसीना ने नवरात्र पर देश के अल्पसंख्यक हिंदुओं को तोहफा दिया है। उन्होंने ढाका के मंदिर को 50 करोड़ टका (43 करोड़ रुपए) की जमीन गिफ्ट करके इस्लाम बहुल मुल्क में अल्पसंख्यक अधिकारों की हिमायती छवि को मजबूत करने का बड़ा प्रयास किया है। 

शेख हसीना के इस कदम से हिंदुओं की 60 साल पुरानी मांग पूरी हुई है। इससे ढाका की पुरानी परंपरा को सामने लाने का अवसर भी मिलेगा, क्योंकि मंदिर के पुराने स्वरूप को बनाए रखने के लिए जमीन की मांग की जा रही थी। इससे पहले भी हसीना बांग्लादेश में मंदिरों के रखरखाव का आश्वासन दे चुकी हैं। हाल ही में सोमवार को उन्होंने ढाकेश्वरी देवी के मंदिर का दौरा किया था।

ढाका ट्रिब्यून के मुताबिक शेख हसीना ने मंदिर में कहा कि इस समस्या को सुलझाने के लिए हमने अपना काम कर दिया है, अब आगे का काम आपके ऊपर है। दरअसल, मंदिर प्रशासन कई साल से जमीन खरीदने की कोशिश कर रहा था लेकिन दाम अधिक होने के कारण मुश्किलें आ रही थीं। शेख हसीना ने मंदिर को छूट के साथ साथ हिंदू कल्याण ट्रस्ट के फंड को भी 21 करोड़ से 100 करोड़ टका तक बढ़ाने का फैसला किया है।

दिसंबर में चुनाव की हुई पूरी तैयारी

बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक हैं और सत्ताधारी आवामी लीग की स्थापना के समय से ही इस पार्टी का समर्थन करते आए हैं। चूंकि देश के भीतर दिसंबर में चुनाव हैं और वर्तमान में मुख्य विपक्षी दल के प्रति लोगों में सहानुभूति और शेख हसीना के प्रति सत्ता में रहने का असंतोष उभर रहा है।

ऐसे में पार्टी प्रमुख ने अल्पसंख्यकों की भावनाओं का ख्याल करते हुए यह बड़ी कार्रवाई की है। एक अधिकारी ने कहा कि यदि शेख हसीना सफल हुईं तो यह विश्व में एक उदाहरण होगा जब कोई इस्लामिक देश पूरी तरह धर्मनिरपेक्ष, समावेशी और लोकतांत्रिक होगा।