उत्तराखंड के 90 में से ज्यादातर हॉट मिक्सिंग प्लांट अवैध

उत्तराखंड में कुल 90 हॉट मिक्सिंग प्लांट चल रहे हैं और इनमें से ज्यादातर अवैध हैं। उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में इन प्लांटों की सूची दाखिल कर यह जानकारी दी है। दरअसल, अवैध हॉट मिक्सिंग प्लांट की संख्या न बताने पर एनजीटी ने उत्तराखंड पीसीबी को कड़ी फटकार लगाई है।
उत्तराखंड के 90 में से ज्यादातर हॉट मिक्सिंग प्लांट अवैध जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने उत्तराखंड पीसीबी से अवैध हॉट मिक्सिंग प्लांट पर अब तक की गई कार्रवाई और सीज किए गए प्लांट का ब्योरा देने को भी कहा है। पीठ ने कहा कि यदि अवैध हॉट मिक्सिंग प्लांट पर कार्रवाई नहीं की गई तो अगली सुनवाई में पीसीबी के सदस्य सचिव को तलब किया जाएगा। मामले पर अगली सुनवाई 24 अगस्त को होगी।
  
वहीं फ्रैंड्स संस्था की ओर से पेश हुए वकील अमित खेमका ने अपनी दलील में कहा कि अवैध हॉट मिक्सिंग प्लांट की वजह से खास तौर से पहाड़ी इलाकों के लोगों को वायु प्रदूषण व अन्य समस्याएं हो रही हैं। वैसे भी अवैध हॉट मिक्सिंग प्लांट का संचालन पर्यावरण संरक्षण कानून, 1986 का भी उल्लंघन है।  

देहरादून क्षेत्र में सबसे ज्यादा हॉट मिक्सिंग प्लांट
सुनवाई के दौरान पीसीबी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक ज्यादातर हॉट मिक्सिंग प्लांट बिना पर्यावरण मंजूरी और उचित अनुमति के चल रहे हैं। इनमें पीसीबी के क्षेत्रीय कार्यालयों के हिसाब से देहरादून में कुल 58 और रुड़की क्षेत्र में 3 व काशीपुर में 10 और हरिद्वार क्षेत्र में 19 हॉट मिक्सिंग प्लांट मौजूद हैं। 

हल्द्वानी में बढ़ा वायु प्रदूषण 
आरोप है कि उत्तराखंड में प्रतिवर्ष जंगलों में लगने वाली आग और उनकी अधजली लकड़ियों का अवैध तरीके से हॉट मिक्स प्लांट में इस्तेमाल हो रहा है। जिस वजह से नैनीताल जिले के हल्द्वानी और अन्य पहाड़ी इलाकों में वायु प्रदूषण की समस्या बढ़ रही है। वहीं एनजीटी ने पिछली सुनवाई में उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सूबे में चल रहे हॉट मिक्सिंग प्लांट की सूची पेश करने को कहा था।