17 लाख रुपयों के साथ पांच बदमाश गिरफ्तार

लखनऊ ड्रग्स एजेन्सी से चोरी किये थे 26 लाख, एकाउंटेन्ट ने रची थी साजिश

लखनऊ। अमीनाबाद में स्थित लखनऊ ड्रग्स एजेन्सी से 26 लाख की चोरी करने वाले पांच चोरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। ड्रग्स एजेन्सी में चोरी की साजिश एकाउंटेन्ट ने अपने चार साथियों के साथ मिलकर रची थी। पुलिस ने चोरी किये हुए 17 लाख 34 हजार एक सौ 45 रुपये बरामद कर लिये हैं। इसके साथ ही इनके पास से पासबुक, चोरी के रुपयों से खरीदा गया एप्पल आई फोन, छह मोबाइल फोन और दो बाइक बरामद की है। एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि आलमबाग के रामनगर निवासी करन चौहान उर्फ संजीव, कृष्णानगर के बल्दीखेड़ा निवासी शंकर उर्फ हरिशंकर, कृष्णानगर के मानसनगर निवासी आशीष हलधर, बल्दीखेड़ा निवासी जय जायसवाल और लखीमपुर खीरी के कोल्हौरी तिकोनिया, सिंघाई निवासी शिवम गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने राजाजीपुर निवासी सुदीप कुमार दुबे की अमीनाबाद में स्थित लखनऊ ड्रग्स एजेन्सी से 26 लाख रुपये की चोरी सात अगस्त की रात में की थी।

एसओ अमीनाबाद अश्विनी कुमार पाण्डेय ने बताया कि आरोपी करन सिंह चौहान लखनऊ ड्रग्स एजेन्सी में एकाउंटेन्ट की नौकरी करता था, जिसके कारण उसे वहां के रुपयों के बारे में पूरी जानकारी रहती थी। आरोपी करन चौहान ने अपने साथियों की मदद से एजेन्सी में चोरी करने की योजना बनाई, जिसके बाद आरोपी सात अगस्त की रात वहां बाइक से पहुंचे और एजेन्सी में घुसकर 26 लाख रुपये चोरी कर फरार हो गये। एसओ का कहना है कि आरोपी करन चौहान एकाउंटेन्ट था, जिसके कारण उसे वहां की सभी गतिविधियां मालूम थी, जिसके कारण वह अपने साथियों की मदद से आसानी से चोरी कर लिया। इसके साथ ही आरोपी वहां आस-पास लगे कई सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गये थे, जिसके कारण पुलिस इनके पास पहुंच गई और चोरी का राजफश कर दिया।

नेपाल भागने के फिराक में थे
एसओ का कहना है कि आरोपी वारदात क बाद नेपाल भागने की फिराक में थे। सभी आरोपी कैसरबाग बस स्टैण्ड के पास पहुंचे थे और वहां से बस पकड़कर लखीमपुर खीरी होते हुए नेपाल भागने की योजना बनाई थी। इसी बीच पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस ने बताया कि सभी आरोपी मिले रुपयों केा आपस में बांट लिये थे।
एक दिन पहले की थी रेकी
आरोपियों ने बताया कि हरिशंकर और आशीष ने वारदात से एक दिन पूर्व दवा मार्केट की रेकी की थी। इसके साथ ही वहां से भागने और आसानी से पहुंचने का रास्ता भी खोजा था। पूरी रेकी के बाद आरोपियों ने अपने साथियों की मदद से लखनऊ ड्रग्स एजेन्सी में चोरी की थी।