मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इलाहाबाद के 122 गावों को खुले में शौचमुक्त घोषित किया

इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को इलाहाबाद के 122 गावों को खुले में शौच मुक्त घोषित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयास से उत्तर प्रदेश में भी यह अभियान चल चुका है। अगले वर्ष तक यह कार्य पूरा होगा। फिलहाल अभी पश्चिमी उत्तर प्रदेश का बिजनौर, हापुड़ व गाजियाबाद खुले में शौच से मुक्त हो चुका है। जिलों के दौरे के क्रम में मुख्यमंत्री आज इलाहाबाद में थे। यहां उन्होंने गंगा ग्राम सम्मेलन का उद्घाटन किया और जिले के 122 गावों को खुले में शौच मुक्त घोषित किया। अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि गंदगी के कारण ही बीमारियां होती हैं। गोरखपुर में भी बीते पांच-छह दिनों में जो मौतें हुई हैं, उनका कारण भी उन्होंने गंदगी को ही बताया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से हम सफाई अभियान में लगे हैं। हमारा प्रयास है कि हम अक्टूबर 2018 तक प्रदेश को खुले में शौच से मुक्त कर देंगे। इसमें उन्होंने जन सहयोग की भी अपेक्षा की। योगी ने लोगों से कहा कि वे रूढ़ वादिता छोड़ें। बगैर लोगों के सहयोग के सरकार स्वच्छता नहीं ला सकती। योगी ने इस दौरान जनवरी 2019 में संगम पर लगने वाले अर्ध कुम्भ की भी चर्चा की। कहा कि अर्ध कुम्भ के समय गंगा बिल्कुल निर्मल होंगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए सभी को लगना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयाग का अर्ध कुम्भ दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक सांस्कृतिक आयोजन होगा। इसका रिहर्सल 2018 का माघ मेला होगा।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास व गंगा सफाई मंत्री उमा भारती ने कहा कि देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बड़ी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि गंगा नदी को लेकर मेरा अभियान जारी है। उन्होंने कहा कि गंगा सफाई में कानपुर बड़ी समस्या है लेकिन, प्रदेश की योगी सरकार में इस समस्या का हल निकाल लेंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस समय दुनिया की दस नदियों में सबसे गन्दी नदी है गंगा है और कानपुर की यह सबसे ज्यादा गन्दी है। इस कार्यक्रम में उमा भारती के अलावा केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी शामिल हुए। उत्तराखंड, झारखंड बिहार और पश्चिम बंगाल में गंगा के किनारे बसे 1651 गांवों के प्रतिनिधि और संबंधित जिलों के अधिकारियों ने भी इसमें हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम का सपा छात्रसभा के कार्यकर्ताओं ने विरोध भी किया।

जिले के यमुनापार इलाके में नैनी स्थित यूनाइटेड इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित इस कार्यक्रम स्थल के बाहर गोरखपुर में हुई मौतों को लेकर सपा छात्रसभा के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए योगी से इस्तीफे की मांग की। हालांकि पुलिस ने दौड़ाकर सभी कार्यकर्ताओं को पकड़ लिया। वहीं दूर-दराज से आए ग्रामीणों को अंदर नहीं जाने दिया गया, जिससे ग्रामीणों ने भी आक्रोश व्यक्त किया। दरअसल मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे लोगों को बिना पास कॉलेज के अंदर नहीं जाने दिया जा रहा था। इस वजह से लोगों में काफी नाराजगी दिखी। शंकरगढ़ से आये लगभग 80 वर्षीय आरएसएस कार्यकर्ता राम खेलावन ने कहा कि शौचमुक्त गांवों को करना है और मुख्यमंत्री का कार्यक्रम प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज के अंदर हो रहा है, जहां गांव वालों की एंट्री ही नहीं है, अजीब प्रोग्राम है। मेजा से आए राघव राम मिश्र ने कहा जब गांव वालों को शौचालय और स्वच्छता का कार्यक्रम था तो फिर शहरी लोगों के बीच में कार्यक्रम क्यों किया गया। हम गांव वालों के बीच में कार्यक्रम होना चाहिए था।