हमारी एकता ही हमारी ताकत : राम नाईक

राज्यपाल ने काली बाड़ी मन्दिर के स्थापना दिवस समारोह का उद्घाटन किया

लखनऊ: प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने आज घसियारी मण्डी स्थित काली बाड़ी मन्दिर के स्थापना दिवस पर आयोजित संगीत संध्या का उद्घाटन किया। इस अवसर पर काली बाड़ी ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री अभिजीत मुखर्जी, प्रबंध समिति के अध्यक्ष गौतम भट्टाचार्या, सचिव अशोक कुमार राॅय सहित अन्य बांग्ला भाषी व श्रद्धालुजन उपस्थित थे। संगीत संध्या में कोलकाता से आए शास्त्रीय गायन के मर्मज्ञ शिव कुमार चटोपाध्याय ने अपनी प्रस्तुति दी। राज्यपाल ने इस अवसर पर शिव कुमार चटोपाध्याय को अंग वस्त्र, स्मृति चिन्ह व पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित भी किया। राज्यपाल ने अपने सम्बोधन में कहा कि राष्ट्रगीत वंदे मातरम् तथा राष्ट्रगान जन-गण-मन दोनों गीत गुरूदेव रवीन्द्र नाथ टैगार जैसे बांग्लाभाषी ने दिये है। देश के लिए यह दोनों अनुपम भेंट हैं। भाषाएं एक-दूसरे को जोड़ने का काम करती हैं। अलग-अलग भाषाएं, भिन्न पूजा पद्धतियों एवं अलग-अलग परिवेश के बावजूद हमारा देश एक है। उन्होंने कहा कि हमारी एकता ही हमारी ताकत है। राज्यपाल ने यह भी बताया कि उनके प्रयास से कैसे संसद में आजादी के 42 साल बाद राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान की शुरूआत हुई।

श्री नाईक ने कहा कि वे मुंबई के शिवाजी पार्क में बांग्ला क्लब द्वारा आयोजित दूर्गा पूजा में बराबर जाते रहे हैं। मुंबई में भी काफी संख्या में बांग्ला भाषी लोग रहते हैं। दूसरे प्रदेश में अपनी भाषा के लोग मिलते हैं तो घर जैसा माहौल लगता है। ऐसे आयोजन खुशी के अवसर होते हैं। खुशी एक-दूसरे से बांटने से बढ़ती है और दुःख बाटने से घटता है। उन्होंने काली बाड़ी ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की भी प्रशंसा की। राज्यपाल ने कहा कि ट्रस्ट गंगा और गोमती के स्वच्छता अभियान से भी जुड़े। गांधी जी ने स्वच्छता अभियान चलाया था उसी क्रम को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आगे बढ़ाने का काम किया है। राज्यपाल ने म्यांमार में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की चर्चा करते हुए बताया कि सम्मेलन में स्वच्छता और पर्यावरण पर गंभीर चर्चा हुई। सभी धर्म के मानने वालों ने एकमत होकर संकल्प पत्र जारी किया कि स्वच्छता और पर्यावरण को बचाने का प्रयास अपने-अपने स्तर से किया जाना चाहिए। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम बधाई देते हुए कहा कि हमें पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के लिए संकल्प लेना चाहिए। कार्यक्रम में श्री अभिजीत मुखर्जी ने स्वागत उद्बोधन दिया तथा श्री गौतम भट्टाचार्या ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने संस्था द्वारा बांग्ला, हिन्दी और अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित एक स्मारिका का विमोचन भी किया।