श्रीलंका में 25 लोगों की जान बचाने वाले उत्तराखंड के इस जाबांज को किया सम्मानित

कोलंबो (श्रीलंका) में मालवाहक जहाज एमवीएसएससी डेनिएला में आग बुझाकर 25 लोगों की जान बचाने वाले इंडियन कोस्ट गार्ड के डीआईजी सुरेंद्र सिंह डसीला को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति तटरक्षक पदक (वीरता) से सम्मानित किया गया है।
मूलत: पिथौरागढ़ के रुगड़ी गांव निवासी सुरेंद्र सिंह डसीला ने गांव से ही प्रारंभिक शिक्षा हासिल की। पांचवीं कक्षा की पढ़ाई के बाद उन्होंने राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल, धौलपुर में एडमिशन लिया। पंजाब विश्वविद्यालय, पटियाला से ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने ओस्मानिया विवि से रक्षा प्रबंधन में पीजी किया।
उन्होंने अमेरिका से अंतरराष्ट्रीय सैन्य अधिकारी पाठ्यक्रम की पढ़ाई भी की। भारतीय नौसेना अकादमी से ट्रेनिंग लेने के बाद 1991 में कोस्ट गार्ड का हिस्सा बने। वर्ष 2000 में उन्होंने जल दस्युओं के जहाज पर कार्रवाई करते हुए अदम्य साहस दिखाया, जिसके लिए उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

वर्तमान में मंगरुरू स्थित कोस्ट गार्ड कर्नाटक मुख्यालय में कमांडर के पद पर तैनात डीआईजी डसीला ने कोलंबों में मालवाहक जहाज में आग बुझाकर 25 लोगों की जान बचाई। कोस्ट गार्ड के अत्याधुनिक निगरानी जहाज ‘शूल’ की कमान संभालते हुए उन्होंने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। उनकी पत्नी ज्योत्सना डसीला आचार्य नरेंद्र देव विद्यालय हल्द्वानी में टीचर हैं। जबकि इकलौता पुत्र राघवेंद्र चेन्नई से बीटेक कर रहा है।