पंजाब : अर्जुन पुरस्कार विजेता निलंबित पुलिस अधीक्षक ने की आत्महत्या

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दस्तक टाइम्स एजेन्सी/ police-generic_650x488_81427357896जालंधर: पंजाब पुलिस के निलंबित अर्जुन पुरस्कार विजेता पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी ने शुक्रवार देर रात अपने सरकारी आवास में पंखे से लटककर कथित रूप से आत्महत्या कर ली। तकरीबन दो साल से निलंबित और अपने खिलाफ अन्य मामलों के कारण वह निराश और हताश थे।

जालंधर के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (शहर-1) जे. एलेनचेजियन ने शनिवार को बताया कि जालंधर स्थित पंजाब आर्म्ड पुलिस मुख्यालय परिसर में स्थित सरकारी आवास में पुलिस अधीक्षक स्तर के एक अधिकारी ने शुक्रवार देर रात कथित रूप से घर में पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली।

एलेनचेजियन ने बताया, ‘पुलिस अधिकारी की पहचान नरिंदर सिंह (45) के रूप में की गई है। वह पांचवी इंडियन रिजर्व बटालियन में बतौर सहायक कमांडेंट तैनात थे और निलंबित चल रहे थे। ऐसा लगता है कि डिप्रेशन में उन्होंने यह कदम उठाया है।’

उन्होंने बताया कि शुक्रवार देर रात 11:30 बजे के बाद पुलिस ने शव बरामद कर लिया है और शनिवार को उनका पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही मामले में कुछ और स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 174 के तहत कार्रवाई की जा रही है।’

एक सवाल के जवाब में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ने यह भी कहा कि प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला ही लगता है। हालांकि, रिपोर्ट के बिना इस बारे में अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता है और आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही की जाएगी।

एलेनचेजियन ने बताया कि शुक्रवार देर रात पंखे से लटकर उन्होंने आत्महत्या कर ली और इसका पता तब चला, जब उनकी पत्नी उनके कमरे में गई। इस बीच वरिष्ठ पुलिस सूत्रों ने बताया कि नरिंदर सिंह के खिलाफ राजधानी दिल्ली में एक व्यक्ति को गोली मारने का मामला चल रहा है। वह पंजाब भवन में तैनात थे जब उनसे किसी ने रास्ते के बारे में पूछा तो उन्होंने कथित रूप से उसे गोली मार दी थी। इसके बाद उन्हें आईआरबी में भेज दिया गया। इसी मामले में पिछले दो साल से वह निलंबित चल रहे थे।

पुलिस के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि नरिंदर के खिलाफ महिला पुलिस ने छेडछाड का आरोप लगाया था। तब वह बतौर डीएसपी तैनात थे। इन सभी मामलों से परेशान थे और अपना निलंबन वापस कराने का प्रयास कर रहे थे।

अधिकारी ने बताया कि उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज था इसलिए उनका निलंबन वापस नहीं हो रहा था और ऐसा लगता है कि इसी हताशा और निराशा में उन्होंने यह कदम उठाया है। इस बीच सिंह के बारे में यह भी जानकारी मिली है कि वह जूडो के खिलाड़ी थे और जूड़ो में कॉमनवेल्थ और एशिया खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले सिंह को 1998 में अर्जुन पुरस्कार से नवाजा गया था।

पुलिस मामले की जांच सभी पहलुओं से कर रही है और जिस तार से उन्होंने फंदा बनाया था उसे भी पुलिस ने बरामद कर लिया है।