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दस्तक-विशेष

दस्तक-विशेष स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

हृदयनारायण दीक्षित : सफलता प्रसन्न्ता देती है और असफलता दुख। मोटे तौर पर सफलता का अर्थ इच्छानुसार कर्मफल की प्राप्ति है। इच्छानुसार कर्मफलता ही सफलता है। सफलता का ...
Comments Off on सफलता का मूल केन्द्र इच्छा या अभिलाषा है और अभिलाषाएं अनंत हैं 
दस्तक-विशेष स्तम्भ

फिरोज बख्त अहमद : लेखक पिछले लगभग 5 दशकों से विभिन्न सरकारों को देखता चला आया है, जिनमें प्रधानमंत्री के पद पर, उसकी नजर से पण्डित जवाहर लाल ...
Comments Off on इस मुस्लिम लेखक को आखिर मोदी क्यों पसंद है?
दस्तक-विशेष साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

हृदयनारायण दीक्षित : भारतवासी प्रकृति से शांतिप्रिय हैं। इसके कारण उनकी उदात्त सभ्यता में खोजे जाने चाहिए। शांतिप्रियता उत्कृष्ट जीवन मूल्य भी है। लेकिन अंग्रेजी सत्ता भारत की ...
Comments Off on प्रकृति से शांतिप्रिय हैं भारतवासी, शांतिप्रियता का अनुचित लाभ उठाते थे अंगे्रज
दस्तक-विशेष स्तम्भ

फिरोज बख्त अहमद : भारत में एक बार फिर चुनाव का बिगुल बज चुका है। आजतक जितने भी चुनाव हुए हैं उनके बारे में यही कहा गया है ...
Comments Off on मोदी को खोने का समय हरगिज नहीं है भारत के लिए, हर आजमाइश से खरे होकर निकले हैं मोदी
दस्तक-विशेष साहित्य स्तम्भ

आशा त्रिपाठी : आचार्य कौटिल्य ने अर्थशास्त्र में कहा था कि महिलाओं की सुरक्षा ऐसी होनी चाहिए कि महिला खुद को अकेली सूनसान सड़कों पर भी बिल्कुल सुरक्षित ...
Comments Off on आधी आबादी को क्यों न मिले पूरी आजादी?
दस्तक-विशेष साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

हृदयनारायण दीक्षित : भारत पाक के मध्य युद्ध की स्थिति है। पाकिस्तान की तरफ से मुसलसल युद्ध है। आमने सामने के युद्धों में वह हारता रहा है। भारतीय ...
Comments Off on पाकिस्तान प्राकृतिक राष्ट्र नहीं है, मजहब के आधार पर भारत विभाजन से यह एक मुल्क बना
दस्तक-विशेष साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

हृदयनारायण दीक्षित : भारत का स्वभाव राष्ट्रभाव है। कश्मीर पुलवामा की घटना के बाद यही राष्ट्रभाव चारो ओर प्रकट हो रहा है। यह अतिराष्ट्रवाद नहीं है। यह राजनैतिक ...
Comments Off on पुलवामा हमले के बाद राष्ट्रीय एकता सूत्र में बंध गया देश
दस्तक-विशेष साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

हृदयनारायण दीक्षित : भारतीय जनतंत्र अजर-अमर है। यह भारतीय समाज की मूल प्रकृति है। राष्ट्रजीवन का स्वाभाविक प्रवाह और भारत के लोगों की जीवनशैली। एक श्रेय विचार, एक ...
Comments Off on अजर और अमर है भारतीय जनतंत्र
दस्तक-विशेष स्तम्भ

फिरोज बख्त अहमद : देश के 44 जवानों का बलिदान, इस बार व्यर्थ नहीं जाना चाहिए। हालांकि यह पहला बलिदान नहीं है, बल्कि आए दिन ऐसा होता चला ...
Comments Off on किस प्रकार से पाकिस्तान को सबक सिखाया जाए
अद्धयात्म दस्तक-विशेष साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

हृदयनारायण दीक्षित : स्वाद दिखाई नहीं पड़ता। सबके अपने स्वाद बोध हैं। इसलिए सबका स्वादिष्ट भी अलग-अलग है। लेकिन मीठा सबको प्रिय है। वैदिक पूर्वज मधुप्रिय जान पड़ते हैं। ...
Comments Off on हर व्यक्ति का स्वाद अलग, लेकिन मधु पदार्थ सभी को करता है आकर्षित