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साहित्य

दस्तक-विशेष साहित्य स्तम्भ

हृदयनारायण दीक्षित : जीवन दिक्काल में है। कभी कभी काल का अतिक्रमण भी करता है जीवन इसलिए जीवन की कालगणना सतही है। कालगणित के पैमाने पर कोई 100 वर्ष ...
Comments Off on सम्पूर्णता से खिलने के लिए दीर्घजीवन जरूरी नहीं
दस्तक-विशेष साहित्य स्तम्भ

हृदयनारायण दीक्षित : सभी जीव मां का विस्तार हैं। मां न होती तो हम भी न होते। मां सृष्टि की प्रथम अनुभूति है। ऋग्वेद में मां की अनुभूति ...
Comments Off on ‘पृथ्वी माता है और आकाश पिता’
दस्तक-विशेष साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

हृदयनारायण दीक्षित : धर्म प्राकृतिक व्यवस्था है। भारत की धर्म देह विराट है। यह संपूर्ण अस्तित्व को आच्छादित करती है। इसलिए धर्म का बौद्धिक विवेचन निर्वचन जटिल है। ...
Comments Off on प्राकृतिक व्यवस्था है धर्म
अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार साहित्य

मॉरीशस से सविता तिवारी मैं गन्ना हूं, मॉरीशस का गन्ना, मॉरीशस का सबसे बुजुर्ग नागरिक हूँ मेरी उम्र तीन सौ वर्ष से कुछ अधिक ही है. मुझे मॉरीशस ...
Comments Off on मैं मॉरीशस का गन्ना हूँ…
दस्तक-विशेष साहित्य स्तम्भ

संन्यासी जीवन जीकर संसार में लोक कल्याण की मिसाल प्रस्तुत करने वाले महापुरूषों की मानव जाति सदैव ऋणी रहेगी! लखनऊ : विश्व जनसंख्या दिवस मनाने की शुरूआत 11 ...
Comments Off on 11 जुलाई : विश्व जनसंख्या दिवस पर विशेष लेख
दस्तक-विशेष साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

हृदयनारायण दीक्षित : वेद लोकमान्य हैं। ऋग्वेद प्राचीनतम है ही। प्राचीनतम को जानने की रूचि स्वाभाविक हैं। विश्व के सभी देशों में ऋग्वेद को समझने की रूचि बढ़ी ...
Comments Off on हजारों वर्ष प्राचीन और परिपूर्ण है ऋग्वेद
दस्तक-विशेष साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

हृदयनारायण दीक्षित : अग्नि ऋग्वेद के प्रतिष्ठित देवता हैं। ऋग्वेद के मंत्रोदय के पहले से ही भारत के लोग अग्नि उपयोग व तत्वदर्शन से सुपरिचित थे। वैदिक ऋषियों ...
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दस्तक-विशेष साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

हृदयनारायण दीक्षित : भारतीय जनमानस वैदिक काल से ही गाय के प्रति श्रद्धालु व अश्व के प्रति प्रेम से परिपूर्ण रहा है। दोनो पशु समृद्धि के प्रतीक रहे हैं। ...
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दस्तक-विशेष साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

हृदयनारायण दीक्षित : वैदिक काल में हमारे पूर्वज आर्य कहे जाते थे। ऋग्वेद इन्हीं आर्यो की रचना है। कुछेक विद्वानों द्वारा आर्यो को घुमंतू, चरवाहा या किसान ही ...
Comments Off on वैदिक काल में उन्नतिशील था कृषि कर्म
लखनऊ साहित्य

लखनऊ: पर्यावरण सप्ताह के मौके पर साहित्यिक व सामाजिक संस्था  काव्य क्षेत्रे के तत्वावधान में ” काव्य व सम्मान समारोह का आयोजन रविवार को बाल निकुंज इंटर कालेज श्रीनगर ...
Comments Off on ‘काव्य क्षेत्रे काव्य किरीट सम्मान-2019’ से ओम नीरव सम्मानित