Breaking News

साहित्य

दस्तक-विशेष साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

हृदयनारायण दीक्षित : भारत पाक के मध्य युद्ध की स्थिति है। पाकिस्तान की तरफ से मुसलसल युद्ध है। आमने सामने के युद्धों में वह हारता रहा है। भारतीय ...
Comments Off on पाकिस्तान प्राकृतिक राष्ट्र नहीं है, मजहब के आधार पर भारत विभाजन से यह एक मुल्क बना
दस्तक-विशेष साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

हृदयनारायण दीक्षित : भारत का स्वभाव राष्ट्रभाव है। कश्मीर पुलवामा की घटना के बाद यही राष्ट्रभाव चारो ओर प्रकट हो रहा है। यह अतिराष्ट्रवाद नहीं है। यह राजनैतिक ...
Comments Off on पुलवामा हमले के बाद राष्ट्रीय एकता सूत्र में बंध गया देश
दस्तक-विशेष साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

हृदयनारायण दीक्षित : भारतीय जनतंत्र अजर-अमर है। यह भारतीय समाज की मूल प्रकृति है। राष्ट्रजीवन का स्वाभाविक प्रवाह और भारत के लोगों की जीवनशैली। एक श्रेय विचार, एक ...
Comments Off on अजर और अमर है भारतीय जनतंत्र
अद्धयात्म दस्तक-विशेष साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

हृदयनारायण दीक्षित : स्वाद दिखाई नहीं पड़ता। सबके अपने स्वाद बोध हैं। इसलिए सबका स्वादिष्ट भी अलग-अलग है। लेकिन मीठा सबको प्रिय है। वैदिक पूर्वज मधुप्रिय जान पड़ते हैं। ...
Comments Off on हर व्यक्ति का स्वाद अलग, लेकिन मधु पदार्थ सभी को करता है आकर्षित
अद्धयात्म दस्तक-विशेष साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

हृदयनारायण दीक्षित: प्रकृति की सभी शक्तियां गतिशील हैं। हम पृथ्वी से हैं, पृथ्वी में हैं। पृथ्वी माता है। पृथ्वी सतत् गतिशील है। वह सूर्य की परिक्रमा करते हुए अपनी ...
Comments Off on सतत कर्म का कोई विकल्प नहीं
अद्धयात्म दस्तक-विशेष साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

हृदयनारायण दीक्षित : जीने की इच्छा में मृत्यु का भय अंतनिर्हित है। जितनी गहरी जीवेष्णा उतना ही गहरा असुरक्षा का भाव। भय का भाव सभी जीवों में होता ...
Comments Off on सब जीना चाहते हैं, लेकिन मृत्यु निश्चित है
अद्धयात्म दस्तक-विशेष साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

हृदयनारायण दीक्षित : अमृत प्राचीन प्यास है। कोई मरना नहीं चाहता लेकिन सभी जीव मरते हैं। मृत्यु को शाश्वत सत्य कहा गया है। जीव मृत्यु बंधु हैं। मृत ...
Comments Off on अमृत प्यास का कुम्भ
साहित्य

नई दिल्ली : कथाकार रामधारी सिंह दिवाकर को प्रतिष्ठित श्रीलाल शुक्ल स्मृति इफको साहित्य सम्मान से सम्मानित किया गया। सुविख्यात साहित्यकार मृदुला गर्ग ने यहां एक समारोह में दिवाकर ...
Comments Off on रामधारी सिंह दिवाकर को श्रीलाल शुक्ल साहित्य सम्मान
दस्तक-विशेष साहित्य

सोफे पर अधलेटा सा सन्नी मेज पर अपनी टांगे पसारे टेलिविजन पर समाचार देख रहा था। जेड गूडि की आकस्मिक मृत्यु की खबर सुन कर वह मन ही ...
Comments Off on फैसला
अद्धयात्म साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

ऋग्वेद से लेकर अथर्ववेद तक गायों की प्रशंसा है। महाकाव्य और पुराण गोयश से भरे पूरे हैं। वेदों में गाय को अबध्य बताया गया है। भारत का प्राचीन ...
Comments Off on प्रकृति प्रेमी है वैदिक समाज, वह सूर्य को नमस्कार करता है, उनसे बुद्धि मांगता है