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साहित्य

अद्धयात्म साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

हृदयनारायण दीक्षित : तीर्थ भारत की आस्था है। लेकिन भौतिकवादी विवेचकों के लिए आश्चर्य हैं। वैसे इनमें आधुनिक विज्ञान के तत्व भी खोजे जा सकते हैं। अनेक विद्वान ...
Comments Off on निष्प्राण मूर्ति में प्राण भरता है जल, पवित्रता का भाव तीर्थस्थल
अद्धयात्म जीवनशैली साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

हिन्दुओं का कोई सर्वमान्य आस्था ग्रंथ नहीं और न ही सर्वमान्य देवता। हरेक हिन्दू की अपनी इच्छा। कोई अग्नि उपासक तो कोई जल का। यहां ब्रह्मा, विष्णु और ...
Comments Off on तर्क, जिज्ञासा और दर्शन की शुरुआत ऋग्वैदिक काल से भी प्राचीन
दस्तक-विशेष साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

हृदयनारायण दीक्षित: बोलने से मन नहीं भरता। लगातार बोलना हमारा व्यावहारिक संवैधानिक दायित्व है। विधानसभा का सदस्य हूं और अध्यक्ष भी। जनप्रतिनिधि जनता की ओर से बोलते हैं। ...
Comments Off on ‘प्रकृति की संगति में स्वयं का पुनर्सृजन ही वास्तविक अभिव्यक्ति’
TOP NEWS VIDEO दिल्ली फीचर्ड राष्ट्रीय साहित्य

नई दिल्‍ली: द्वितीय विश्‍व युद्ध के बाद कई देश गुलामी से मुक्‍त हुए और वैश्विक मानचित्र पर एक स्‍वतंत्र राष्‍ट्र के रूप में उभरकर सामने आए। भारत भी ...
Comments Off on बाल दिवस: जाने चाचा नेहरू के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातें
अद्धयात्म साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

हृदयनारायण दीक्षित : गर्भ सभी प्राणियों का उद्गम है। माँ गर्भ धारण करती है। पिता का तेज गर्भ में माँ की जनन चेतना से मिलता है। जीवन अतिसूक्ष्म ...
Comments Off on ‘दुख का कारण है अज्ञानता, ज्ञान से मिलता है आनंद’
अद्धयात्म दस्तक-विशेष साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

हृदयनारायण दीक्षित : कालद्रव्य बदल गया है। समय भी प्रदूषण का शिकार है। दिक् भी स्वस्थ नहीं। मन और आत्म द्रव्य भी विष तनाव में हैं। स्वस्थ, मस्त ...
Comments Off on स्वस्थ, मस्त जीवन मधुअभिलाषा है, रोगरहित दीर्घ जीवन के अभिलाषी थे हमारे पूर्वज
दस्तक-विशेष साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

हृदयनारायण दीक्षित : संसार धर्म क्षेत्र है। यह कथन शास्त्रीय है। संसार कर्मक्षेत्र है। पुरूषार्थ जरूरी है। यह निष्कर्ष वैदिक है। संसार आनंद क्षेत्र है, परम चरम मधुरसा ...
Comments Off on सौन्दर्यबोध से भरेपूरे हैं वैदिक पूर्वज
अद्धयात्म साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

स्वयं के भीतर बैठकर अन्तःकरण की गति और विधि देखना ही अध्यात्म है हृदयनारायण दीक्षित : संसार प्रत्यक्ष है। दिखाई पड़ता है। लेकिन प्रत्यक्ष संसार के साथ ही ...
Comments Off on आखिर रूप, रस, गंध, स्पर्श और स्वाद के आनंद का केन्द्र क्या है?
लखनऊ साहित्य स्तम्भ

दशहरा पर्व हर्ष और उल्लास का त्योहार है डा. जगदीश गांधी : दशहरा हमारे देश का एक प्रमुख त्योहार है। अश्विन (क्वार) मास के शुक्ल पक्ष की दशमी ...
Comments Off on अहंकार रूपी रावण को अपने अंदर मारने के लिए राम रूपी ईश्वरीय गुण विकसित करना है
अद्धयात्म दस्तक-विशेष साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

विज्ञान प्रकृति में पदार्थ और ऊर्जा देख चुका है। पदार्थ और ऊर्जा भी अब दो नहीं रहे। समूची प्रकृति एक अखण्ड इकाई है। इस अखण्ड इकाई का नाम ...
Comments Off on भारत शक्ति उपासना में आनंदमगन है