Monday, February 19, 2018 - 3:25 PM
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साहित्य

दस्तक-विशेष साहित्य

आशुतोष राणा की कलम से… क्रॉकडायल की छाप वाला सूट्केस, उनकी दसों उँगलियों में विभिन्न नगों से जड़ी हुई कुछ सोने-चाँदी की अँगूठियाँ, तेल से पीछे खींचकर बांधे ...
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दस्तक-विशेष साहित्य

न्यूयॉर्क के कोलंबिया विश्वविद्यालय में हिन्दी भाषा और साहित्य की प्रोफेसर सुषम बेदी जी का नाम प्रवासी-साहित्य लेखन में अपरिचित नहीं है। परदेस में रहते हुए भी अपनी ...
Comments Off on प्रेरणा कहीं और से नहीं अपने ही भीतर से आती है
दस्तक-विशेष साहित्य

उपन्यास ‘कालीचाट’ से गुजरते हुए किसान जीवन की त्रासदी की बड़ी तीखी अनुभूति से हमारा सामना होता है। यह अनुभूति न तो तात्कालिक है और न ही काल्पनिक। ...
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दस्तक-विशेष साहित्य

पुस्तक समीक्षा भारतीय समाज में अनेक विविधता व्याप्त है उन्हीं के बीच मध्यवर्गीय जन-जीवन अपने आपको साबित करने के प्रयास में खुद से ही सवाल करता हुआ कहता है- ...
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दस्तक-विशेष शख्सियत साहित्य

साक्षात्कार : सुधा ओम ढींगरा सुधा ओम ढींगरा जी का व्यक्तित्व बहुआयामी है, आप कथाकार, कवयित्री, सम्पादक, रंगकर्मी, समाजसेवी होने के साथ-साथ सुपरिचित पत्रकार भी हैं तथा उत्तरी अमेरिका ...
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दस्तक-विशेष साहित्य

संस्मरण भारत में कोई जगह। दरवाजे पर दस्तक। कोई चौबे जी आए हैं। दरवाजा खोला। दो लोग। एक पुलिस सा आदमी। दूसरा शख्स – वाकई चौबे जी सा। ...
Comments Off on जंगली घास का फूल: लालमुनि चौबे
दस्तक-विशेष साहित्य

कहानी पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी बिहार के अंचल में नई-नई तरक्की का दौर है, अब वाराणसी से सत्यकाम के गाँव सीहर तक बस जाने लगी है, लेकिन ...
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दस्तक-विशेष फीचर्ड साहित्य स्तम्भ

माता पिता ने उनका नाम रामचंद्र रखा था। किंतु मेट्रिक की परीक्षा देने से ठीक पहले, वे एक शपथपत्र देकर वैधानिक रूप से रामचंद्र से बदलकर ‘लामचंद’ हो ...
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अद्धयात्म साहित्य

स्मृति का विस्मृति में बदलना, शक्ति होते हुए भी शक्ति का भान ना होना, हमारे दुःख का कारण होता है..इसलिए ऐसी मन:स्थिति को असुंदर माना गया है। वहीं ...
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दस्तक-विशेष साहित्य

– डॉ.सुमन सिंह प्रो. हरीश नवल का नाम व्यंग्य लेखन के क्षेत्र में अपरिचित नहीं है। ज्ञान चतुर्वेदी, प्रेम जनमेजय के साथ की व्यंग्यत्रयी को सशक्त बनाने वाले इस ...
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