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साहित्य

अद्धयात्म साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

हृदयनारायण दीक्षित : गर्भ सभी प्राणियों का उद्गम है। माँ गर्भ धारण करती है। पिता का तेज गर्भ में माँ की जनन चेतना से मिलता है। जीवन अतिसूक्ष्म ...
Comments Off on ‘दुख का कारण है अज्ञानता, ज्ञान से मिलता है आनंद’
अद्धयात्म दस्तक-विशेष साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

हृदयनारायण दीक्षित : कालद्रव्य बदल गया है। समय भी प्रदूषण का शिकार है। दिक् भी स्वस्थ नहीं। मन और आत्म द्रव्य भी विष तनाव में हैं। स्वस्थ, मस्त ...
Comments Off on स्वस्थ, मस्त जीवन मधुअभिलाषा है, रोगरहित दीर्घ जीवन के अभिलाषी थे हमारे पूर्वज
दस्तक-विशेष साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

हृदयनारायण दीक्षित : संसार धर्म क्षेत्र है। यह कथन शास्त्रीय है। संसार कर्मक्षेत्र है। पुरूषार्थ जरूरी है। यह निष्कर्ष वैदिक है। संसार आनंद क्षेत्र है, परम चरम मधुरसा ...
Comments Off on सौन्दर्यबोध से भरेपूरे हैं वैदिक पूर्वज
अद्धयात्म साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

स्वयं के भीतर बैठकर अन्तःकरण की गति और विधि देखना ही अध्यात्म है हृदयनारायण दीक्षित : संसार प्रत्यक्ष है। दिखाई पड़ता है। लेकिन प्रत्यक्ष संसार के साथ ही ...
Comments Off on आखिर रूप, रस, गंध, स्पर्श और स्वाद के आनंद का केन्द्र क्या है?
लखनऊ साहित्य स्तम्भ

दशहरा पर्व हर्ष और उल्लास का त्योहार है डा. जगदीश गांधी : दशहरा हमारे देश का एक प्रमुख त्योहार है। अश्विन (क्वार) मास के शुक्ल पक्ष की दशमी ...
Comments Off on अहंकार रूपी रावण को अपने अंदर मारने के लिए राम रूपी ईश्वरीय गुण विकसित करना है
अद्धयात्म दस्तक-विशेष साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

विज्ञान प्रकृति में पदार्थ और ऊर्जा देख चुका है। पदार्थ और ऊर्जा भी अब दो नहीं रहे। समूची प्रकृति एक अखण्ड इकाई है। इस अखण्ड इकाई का नाम ...
Comments Off on भारत शक्ति उपासना में आनंदमगन है
अद्धयात्म जीवनशैली साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

हृदयनारायण दीक्षित : प्रश्न और जिज्ञासा वैदिक परंपरा है। भारतीय इतिहास के वैदिक काल में सामाजिक अन्तर्विरोध कम थे। तब प्रश्नाकुलता का संबंध सृष्टि रहस्यों की जिज्ञासा से ...
Comments Off on वैदिक परंपरा है प्रश्न और जिज्ञासा
अद्धयात्म जीवनशैली दस्तक-विशेष साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

हृदयनारायण दीक्षित : श्रद्धा भाव है और श्राद्ध कर्म। श्रद्धा मन का प्रसाद है और प्रसाद आंतरिक पुलक। पतंजलि ने श्रद्धा को चित्त की स्थिरिता या अक्षोभ से ...
Comments Off on प्रत्यक्ष मानवीय गुण है पितरों का आदर
अद्धयात्म दस्तक-विशेष साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

बोध आसान नहीं। शोध आसान है। शोध के लिए प्रमाण, अनुमान, पूर्ववर्ती विद्वानों द्वारा सिद्ध कथन और प्रयोग पर्याप्त हैं। बोध के लिए अनुभूति चाहिए। प्रत्यक्ष रूप प्रमाण ...
Comments Off on राष्ट्रीय अस्मिता का सामूहिक सत्य है ‘भारत बोध’
अद्धयात्म दस्तक-विशेष साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

हम सब कर्मशील प्राणी हैं। कर्म की प्रेरणा है कर्मफल प्राप्ति की इच्छा। कर्मफल प्राप्ति की अभिलाषा के कारण ही सभी प्राणी सक्रिय हैं। मानव जीवन अनंत अभिलाषा ...
Comments Off on क्या कर्मफल की इच्छा दोषपूर्ण अभिलाषा है, अनासक्त कर्म ही क्यों श्रेष्ठ है?