Monday, July 23, 2018 - 5:44 AM
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साहित्य

दस्तक-विशेष साहित्य

अनुराग शर्मा सत्तर के दशक में अभिमन्यु अनत को पढ़ते और उनसे प्रभावित होते समय, उत्तर प्रदेश के एक साधारण शहर के एक निम्न-मध्यवर्गीय परिवार के मेरे जैसे ...
Comments Off on नत-मस्तक हूँ अनत के आगे 
दस्तक-विशेष साहित्य

डॉ. प्रेरणा आकांक्षा को शाम से ही एक सौ तीन डिग्री बुखार था। उसके पापा जैसे ही घर आए, तो दादी ने उन्हें उसकी हालत के बारे में ...
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दस्तक-विशेष साहित्य स्तम्भ

आशुतोष राणा तीन बंदर थे, बेहद उत्पाती..उनके तीन अलग-अलग दल थे। एक दल सिर्फ बुरा बोलता था, दूसरा दल सिर्फ बुरा देखता था, तीसरा दल सिर्फ बुरा सुनता ...
Comments Off on संतजी के तीन बंदर
फीचर्ड राष्ट्रीय साहित्य

30 मई ही वह तारीख थी, जब देश का पहला हिन्दी अखबार ‘उदंत मार्तण्ड’ प्रकाशित हुआ। इसी दिन को हिन्दी पत्रकारिता दिवस के रूप में भी मनाया जाता ...
Comments Off on 30 मई : आज ही से प्रारम्भ हुआ था उदन्त मार्तंड
फीचर्ड राष्ट्रीय साहित्य

नई दिल्ली : झाड़ू-पोंछा करने वाली महिला ‘आलो आंधारि’ नाम की किताब लिखी। दिल्ली के पास गुड़गांव के एक घर में काम करती थी। झाड़ू-पोछा करने और खाना ...
Comments Off on झाड़ू-पोंछा करने वाली महिला बन गई लेखिका, चुनौती भरा संघर्ष
अन्तर्राष्ट्रीय फीचर्ड साहित्य

पोलिश : ओल्गा टोकारजुक को उनके उपन्यास ‘फ्लाइट्‌स’ के लिए इस वर्ष का बुकर पुरस्कार दिया गया है। यह उपन्यास समय, अंतरिक्ष और मानव शरीर रचना पर आधारित ...
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अद्धयात्म फीचर्ड साहित्य स्तम्भ

  प्रत्येक धर्म विश्वास पर बल देता है। धर्म पर ऑख बंद कर विश्वास करने की परंपरा हमने विरासत मे पाई हैं।इस कारण हमारे धार्मिक तर्क प्राय: अधूरे ...
Comments Off on धर्म बातो का विषय नही है- वह तो प्रत्यक्ष अनुभूति का विषय हैं
साहित्य

ललित कलाओं के प्रशिक्षण, प्रदर्शन एवं शोध की अग्रणी संस्था स्पंदन द्वारा सुपरिचित कथाकार, उपन्यासकार, कवि पंकज सुबीर के बहुचर्चित ग़ज़ल संग्रह ‘‘अभी तुम इश्क़ में हो’’ पर ...
Comments Off on अभी तुम इश्क़ में हो का लोकार्पण
साहित्य स्तम्भ

कर्म इच्छा प्रेरित होते हैं। हम सब के भीतर अनेक अभिलाषाएं हैं। वे कर्म के लिए प्रेरित करती हैं। हम बिना कर्म किए रह नहीं सकते। महाआलसी भी ...
Comments Off on बड़ा प्रश्न, आखिर आत्मज्ञान था क्या?
अजब-गजब साहित्य

अंकल ने नहाने के कपड़े बगल में दबाते हुए कहा, ‘रोहन! थर्मामीटर रख लेना। आज कुएं का बुखार नापना है? देखते हैं कुएं को कितना बुखार चढ़ा है?’ ...
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