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साहित्य

अद्धयात्म फीचर्ड साहित्य स्तम्भ

‘हमारे पूर्वजों ने धरती को माता और आकाश को पिता बताया’ ‘हम भारत के लोग’ हैं। यही हमारा मूल परिचय है। भारत हमारा कुल, गोत्र, वंश और माता ...
Comments Off on ‘हम भारत के लोग’ : हृदयनारायण दीक्षित
अद्धयात्म फीचर्ड साहित्य स्तम्भ

‘दर्शन’ का मूल उद्देश्य संसार को समझना और विश्व को आनंद से भरना है संसार हमारा आश्रय है। हम संसार का भाग है और संसार में है। इसका ...
Comments Off on अंधविश्वासी नहीं है भारतीय चिंतन
साहित्य

नई दिल्ली : सावन का महीना चल रहा है और देशभर के शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। खासतौर पर सावन सोमवार के दिन मंदिरों ...
Comments Off on जानें: शिवलिंग को दोनों हाथों से रगड़ें के लाभ, और शिवलिंग से जुड़ी कुछ खाश बातें
फीचर्ड राष्ट्रीय साहित्य

गोरखपुर : उपन्‍यासकार और साहित्‍य के पितामह…जितने भी नाम लें, वे कम ही हैं, उसका कारण भी साफ है, मुंशी प्रेमचंद ऐसी शख्सियत रहे हैं, जिन्‍होंने हमेशा सादगी ...
Comments Off on जयंती पर याद किये गये मुंशी प्रेमचंद, महात्‍मा गांधी का भाषण सुनकर छोड़ दी थी सरकारी नौकरी
अद्धयात्म साहित्य स्तम्भ

दर्शन और विज्ञान का जन्म जिज्ञासा से हुआ। ऐसी जिज्ञासा ऋग्वेद में है। ऋग्वेद का रचनाकाल प्राचीन यूनानी दर्शन से भी बहुत प्राचीन है। ऋग्वेद के समय के ...
Comments Off on भारत की संस्कृति को सामाजिक संस्कृति कहते हैं : हृदयनारायण दीक्षित
साहित्य स्तम्भ

जीवन की सांझ आ रही है। श्रम गीत मद्धिम हो रहे हैं। गहन विश्राम की तैयारी है, लेकिन अपने परिजन डाट रहे हैं। भारत के करोड़ों वृद्ध अपने ...
Comments Off on देश में करोड़ों वृद्ध परिजनों से पीड़ित : हृदयनारायण दीक्षित
साहित्य स्तम्भ

उपनिषद् पूर्वाग्रह मुक्त हैं। इनमें पहले से बने बनाए विचारों का गहन विवेचन है। अंधविश्वासी कर्मकाण्ड का विरोध है। ये जिज्ञासा के जन्म और दर्शन के आदि स्रोत ...
Comments Off on भारतीय दर्शन के मूल स्रोत हैं उपनिषद्
साहित्य स्तम्भ

पृथ्वी व्यथित है। इसके अंगभूत जल, वायु, वनस्पति और सभी प्राणी आधुनिक जीवनशैली के हमले के शिकार हैं। पृथ्वी असाधारण संरचना है। “ऋग्वेद के अनुसार वह पर्वतों का ...
Comments Off on व्यथित है पृथ्वी : हृदयनारायण दीक्षित
साहित्य स्तम्भ

  पिछले कुछ वर्षों से सोशल मीडिया तेजी से पूरे देश में क्रांति की तरह फैल रहा है,सुदूर प्रान्तों में रह रहे लोगों से सम्पर्क के साथ साथ ...
Comments Off on अभिशाप बनते जा रहे हैं सोशल मीडिया पर प्रचलित अफवाह
साहित्य

प्राचीन उज्जैन में बड़े प्रतापी राजा हुए। राजा भर्तृहरि अपनी तीसरी पत्नी पिंगला पर मोहित थे और वे उस पर अत्यंत विश्वास करते थे। राजा पत्नी मोह में ...
Comments Off on अपनी सुंदर पत्नी से आहत होकर बैरागी बने राजा भर्तृहरि